दैनिक समाज जागरण अनील कुमार संवाददाता नबीनगर (औरंगाबाद)
नवीनगर(औरंगाबाद) प्रतियोगी परीक्षाओं एवं उच्च कक्षाओं के परीक्षा की तैयारी के नाम पर नवीनगर शहर सहित प्रखंड के अन्य क्षेत्रों में दर्जनों कोचिंग संस्थान बिना किसी सुरक्षा मानक और सरकारी गाइडलाइन के धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। संकरी गलियों में बने कमरों, तंग सीढ़ियों और एक ही गेट वाले भवनों में सैकड़ों छात्र-छात्राएं रोजाना पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि अग्निशमन, आपदा निकासी और बिल्डिंग सेफ्टी जैसे बुनियादी इंतजाम नदारद हैं।शहर के कई इलाके में चल रहे अधिकांश कोचिंग सेंटर किराए के मकानों में चल रहे हैं।
ज्यादातर संस्थानों के पास न तो अग्निशमन विभाग का एनओसी है, न बिल्डिंग सेफ्टी सर्टिफिकेट। क्लासरूम में छात्रों को ठूंसकर पढ़ाया जा रहा है। इमरजेंसी एग्जिट, फायर एक्सटिंग्विशर, सीसीटीवी कैमरे से मॉनिटरिंग जैसी अनिवार्य व्यवस्थाएं भी नहीं हैं।कई कोचिंग पहली और दूसरी मंजिल पर चल रहे हैं जहां सिर्फ एक सकरी सीढ़ी ही ऊपर-नीचे आने-जाने का रास्ता है।वहीं बिजली और इन्वर्टर का लोड देखकर कभी भी शॉर्ट सर्किट की आशंका बनी रहती है।शिक्षा विभाग और अग्निशमन विभाग के नियमों के अनुसार, प्रत्येक कोचिंग संस्थान का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।
भवन में कम से कम दो निकासी द्वार, अग्निशमन यंत्र, सीसीटीवी होना चाहिए। नवीनगर प्रखंड के कई कोचिंग संस्थान इन मानकों पर खरे नहीं उतर रहे।इस संबंध में नबीनगर अग्निशमन विभाग के प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि नबीनगर शहर ,टंडवा,माली,बैरिया सहित अन्य जगहों पर चल रहे कोचिंग सेंटरों की जांच की गई है। प्रभारी अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि सभी कोचिंग संचालकों को सख्त हिदायत दिया गया है कि 7 दिनों के अंदर फायर यंत्र लगा ले।वहीं एनओसी के लिए आवेदन करने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया था। उन्होंने बताया कि बिना एनओसी और बिना सुरक्षा मानक वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि हाल ही में लखनऊ और पटना के कोचिंग संस्थानों में हुए अग्निकांड को लेकर बिहार सरकार और जिला प्रशासन ने कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों के प्रति कड़ा रुख अपनाया है।फिलहाल प्रशासनिक एवं विभागीय लापरवाही और कोचिंग संचालकों की मनमानी के बीच नवीनगर प्रखण्ड में हजारों छात्र रोजाना जोखिम उठाकर पढ़ने को मजबूर हैं।
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