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सुधा डेयरी में कर्मचारी की मौत के बाद परिजन हत्या का केस दर्ज करने और मुआवजे की मांग को लेकर दी आंदोलन की चेतावनी

अभय कुमार मिश्रा, दैनिक समाज जागरण, ब्यूरो चीफ,कोल्हान झारखंड

सरायकेला खरसावां (झारखंड) 29 जून 2026: जमशेदपुर डेयरी (सुधा दूध कंपनी) के एक कर्मचारी की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. मृतक की पत्नी तारा देवी ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस कर दावा किया है कि उनके पति रविंद्र नाथ ठाकुर (59) की मौत कंपनी प्रबंधन की कथित लापरवाही के कारण हुई है. उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज करने, उचित मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को स्थाई नौकरी देने की मांग की है.

परिजनों ने उन्हें पहले ईएसआई अस्पताल, आदित्यपुर में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए टीएमएच रेफर किया गया. बाद में चिकित्सकों ने शरीर में जहर का प्रभाव होने की बात बताते हुए उन्हें रिम्स, रांची भेज दिया. रिम्स में इलाज के दौरान 21 जून 2026 को उनकी मौत हो गई.

तारा देवी के अनुसार उनके पति रविंद्र नाथ ठाकुर पिछले लगभग 30 वर्षों से जमशेदपुर डेयरी में कार्यरत थे. उनका आरोप है कि 17 जून 2026 को ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई. आरोप है कि समय पर समुचित इलाज की व्यवस्था करने के बजाय कंपनी के दो कर्मचारियों ने उन्हें टेंपो से घर छोड़ दिया. उस समय उनकी हालत इतनी खराब थी कि वे न तो ठीक से चल पा रहे थे और न ही बोल पा रहे थे।

मृतक की पत्नी का आरोप है कि घटना के अगले दिन उनके बेटे और परिवार के अन्य सदस्य कंपनी प्रबंधन से मिलने पहुंचे, लेकिन प्रबंधन ने यह कहते हुए अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया कि कर्मचारी की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया था और इसके बाद कंपनी की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती.
परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती, तो संभवतः उनकी जान बचाई जा सकती थी. उन्होंने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और एक आश्रित को स्थायी नौकरी देने की मांग की है.

उन्होंने यह भी कहा कि 25 जून को समाजसेवी रश्मि भेंगरा के साथ कंपनी प्रबंधन से इस संबंध में वार्ता हुई थी. उस समय प्रबंधन ने 29 जून को आगे की प्रक्रिया के लिए बुलाया था, लेकिन परिजनों का आरोप है कि सोमवार को हुई वार्ता में भी उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया.

परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो 1 जुलाई से जमशेदपुर डेयरी के मुख्य गेट के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना और गेट जाम आंदोलन शुरू किया जाएगा. उनका कहना है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उचित मुआवजा, आश्रित को स्थायी नौकरी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होती. प्रेस कांफ्रेंस में रश्मि भेंगरा भी मौजूद रहीं. फिलहाल इस मामले में जमशेदपुर डेयरी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.


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