समाज जागरण, गौरेला।
छत्तीसगढ़ के सबसे खूबसूरत और शांत जिलों में शामिल गौरेला–पेंड्रा–मरवाही (GPM) अब पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन के निरंतर प्रयासों से यह जिला तेजी से पर्यटकों की पहली पसंद के रूप में उभर रहा है। हरियाली, पहाड़ों की गोद, स्वच्छ वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह क्षेत्र अब आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से भी सुसज्जित हो रहा है।
मलनिया डेम बनेगा नया आकर्षण
अमरकंटक की तराई में स्थित जिले के सबसे बड़े मलनिया डेम में जल्द ही तैरता हुआ रेस्टोरेंट (Floating Restaurant) और बोटिंग सुविधा शुरू की जा रही है। यह अनोखी पहल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी एक नया और यादगार अनुभव लेकर आएगी। शांत जलराशि, मनोरम दृश्य और आधुनिक सुविधाएं पर्यटकों को प्रकृति के बीच सुकून का अहसास कराएंगी।

स्थानीय लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
इस पर्यटन परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसका लाभ केवल सैलानियों तक सीमित नहीं रहेगा। आसपास के गांवों की समितियों को इससे जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार, महिलाओं को स्वावलंबन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पर्यटन यहां मनोरंजन के साथ-साथ आर्थिक विकास का माध्यम भी बनेगा।
नए वर्ष से पहले मिली बड़ी सौगात
जिला कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी द्वारा नए वर्ष की शुरुआत से पहले दी गई यह सौगात जिले के पर्यटन विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। प्रशासन की यह पहल न केवल जिले को नई पहचान दिलाएगी, बल्कि गौरेला–पेंड्रा–मरवाही को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल करेगी।
पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान
प्राकृतिक सुंदरता, आधुनिक सुविधाएं और स्थानीय सहभागिता के साथ गौरेला–पेंड्रा–मरवाही अब पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है। आने वाले समय में यह जिला प्रकृति प्रेमियों, एडवेंचर चाहने वालों और सुकून की तलाश में निकले यात्रियों के लिए एक आदर्श पर्यटन स्थल बनकर सामने आएगा।



