शहडोल। सोहागपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत धमनी कलां में आयोजित सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महापुराण का शुभारंभ गुरुवार
को श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। कथा प्रारंभ होने से पूर्व भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म एवं संस्कृति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। कलश यात्रा में मातृशक्ति की विशेष भागीदारी रही। सिर पर कलश धारण कर महिलाओं ने भक्ति भाव से यात्रा में सहभागिता निभाई, वहीं युवा, बुजुर्ग एवं बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक शामिल होकर आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया।वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजन-अर्चन के साथ निकली कलश यात्रा ग्राम के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी।
यात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण एवं श्रीमद्भागवत महापुराण के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े।भजन-कीर्तन और धार्मिक धुनों से पूरा गांव भक्तिमय वातावरण में सराबोर नजर आया। सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का वाचन एवं रसपान कथावाचक पंडित प्रहलादाचार्य स्वामी जी महाराज द्वारा कराया जा रहा है। कथा के प्रथम दिवस पर उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कथावाचक पंडित प्रहलादाचार्य स्वामी जी महाराज ने कहा कि भागवत कथा मानव जीवन को धर्म, भक्ति और संस्कारों से जोड़ने का सर्वोत्तम माध्यम है। कथा श्रवण से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा उसे आध्यात्मिक शांति एवं आत्मिक संतोष की प्राप्ति होती है ।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भागवत कथा जैसे धार्मिक आयोजनों की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है, क्योंकि ये आयोजन समाज को नैतिक मूल्यों, संस्कारों एवं सदाचार की प्रेरणा देते हैं।श्रीमद्भागवत महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला दिव्य ज्ञान का स्रोत है। कथा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्तों के प्रति उनके प्रेम, धर्म की स्थापना तथामानव कल्याण के संदेश का वर्णन किया जाएगा।
आयोजक श्री वंशरुप मिश्रा बताया कि कथा आगामी सात दिनों तक प्रतिदिन आयोजित होगी, जिसमें क्षेत्र सहित आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्मलाभ प्राप्त करेंगे। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल, प्रसाद वितरण एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।कथा के शुभारंभ अवसर पर ग्राम के गणमान्य नागरिक, धर्मप्रेमी श्रद्धालु एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। पूरे ग्राम में धार्मिक उल्लास का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में प्रेम, सद्भाव, भाईचारे एवं आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देते हैं।सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिवस से ही ग्राम धमनी कलां भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंग गया है तथा आगामी दिनों में कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
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