ग्रेटर नोएडा से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां **जेपी मैक्स हॉस्पिटल** की **ECHS (Ex-Servicemen Contributory Health Scheme)** एम्पैनलमेंट फाइल अभी तक क्लियर नहीं हो पाई है। मामला तब अटका जब अस्पताल का **मैक्स द्वारा अधिग्रहण (टेकओवर)** हुआ, जबकि आवश्यक सभी दस्तावेज अस्पताल प्रशासन की ओर से जमा कर दिए गए हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म *एक्स (Twitter)* पर यूजर **सुरेश सिंह** ने रक्षामंत्री **Rajnath Singh** और संबंधित विभागों को टैग करते हुए मामले के समाधान की अपील की है।
उन्होंने लिखा कि पूर्व सैनिकों को **कैशलेस उपचार** नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी चिकित्सा सुविधाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं।
सुरेश सिंह ने रक्षामंत्री के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि **Pankaj Singh**, **@SpokespersonMoD** और **@DefenceMinIndia** को भी मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि अस्पताल के एम्पैनलमेंट में देरी से बुजुर्ग व पूर्व सैनिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व सैनिक संगठनों ने भी इसे अत्यंत संवेदनशील विषय बताते हुए फाइल की शीघ्र मंजूरी की मांग की है। लोगों का कहना है कि ग्रेटर नोएडा जैसे बड़े शहर में पूर्व सैनिकों को कैशलेस सुविधा से वंचित रखना उचित नहीं है।
अभी तक इस मामले में मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।



