दैनिक समाज जागरण, संवाददाता
चांडिल : नीमडीह प्रखंड के झिमड़ी सोनाडूंगरी स्थित निर्माणाधीन एकलव्य विद्यालय की चारदीवारी निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितता का आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की जा रही है और घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है। मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार चारदीवारी निर्माण में तकनीकी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका आरोप है कि जहां पिलर में छह सरिया लगना चाहिए, वहां केवल चार सरिया का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा निर्माण में कम गुणवत्ता वाले ईंटों का उपयोग होने की बात भी सामने आई है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह काम चलता रहा तो भविष्य में दीवार कमजोर साबित हो सकती है।
स्थानीय पंचायत समिति सदस्य पद्मलोचन महतो ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से ही ग्रामीण लगातार गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन किसी स्तर पर गंभीरता नहीं दिखाई गई। उन्होंने कहा कि मजदूरी भुगतान से लेकर सामग्री उपयोग तक कई तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं। उनके मुताबिक निर्माण एजेंसी मनमाने तरीके से कार्य करा रही है।
ग्रामीण युवक नीलमोहन महतो ने निर्माण स्थल को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र आयरन युक्त मिट्टी वाला इलाका है, जहां ठनका गिरने की घटनाएं होती रहती हैं। ऐसे स्थान पर विद्यालय निर्माण बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि निर्माण स्थल के समीप ग्रामीणों का देवस्थल भी है, जहां वर्षों से पूजा-अर्चना होती आ रही है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित कोई शिलापट्ट नहीं लगाया गया है। आम तौर पर सरकारी योजनाओं में लागत, निर्माण एजेंसी और कार्य अवधि जैसी जानकारियां सार्वजनिक रूप से दी जाती हैं, लेकिन यहां ऐसी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। इससे निर्माण कार्य की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
निर्माण स्थल पर मौजूद मुंशी मिंटू कर्मकार ने बताया कि वह मार्च महीने से यहां कार्य देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कहीं त्रुटि पाई जाती है तो उसे सुधारा जाएगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इंजीनियर नियमित रूप से निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचते हैं और 15 से 20 दिनों में कभी-कभार ही साइट पर आते हैं।
मामले की सूचना मिलने पर नीमडीह के अंचल अधिकारी अभय कुमार द्विवेदी निर्माण स्थल पहुंचे और जांच की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया है तथा गुणवत्ता बनाए रखने को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
इधर ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो सरकारी राशि का दुरुपयोग होता रहेगा। अब लोगों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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