मै एक एक 41 वर्षीय गोल्ड मेडलिस्ट प्लेयर/ कोच बेरोजगार युवा कोच हूँ। नोएडा प्राधिकरण के भ्रष्ट नीति और भारत के परिवारवादी सिस्टम ने हमे बेरोजगार बना दिया है। 3 साल से लड़ रहा हूँ । हर प्रकार के सबूत दिया लेकिन कोई सुनने को तैयार नही। मुझे बेरोजगार करके नोएडा प्राधिकरण नें टेंडर एक परिवारवादी फ्राड कंपनी को दे दिया है, जिसका संचालन एक सरकारी कर्मचारी को दिया गया, कंपनी का आफिस भी सरकारी आवास बताया गया है । कोर्ट मै जा नही सकता हूँ क्योंकि मै बेरोजगार हूँ मेरे पास में तारीख लेने के लिए पैसे नही है।

मै विकास मिश्रा 41 वर्षीय एक युवा कोच हूँ, और पिछले कई वर्षो से नोएडा स्टेडियम में बास्केट बाल का कोचिंग बच्चों को देते आ रहा हूँ। मेरे द्वारा कोचिंग दिए गए खिलाड़ियों नें कई उपलब्धियाँ प्राप्त की है। कई स्तर पर प्रतियोगिता में भाग लेकर देश प्रदेश और जिला का नाम रोशन किया है। लेकिन पिछले 4 सालों से नोएडा प्राधिकरण के द्वारा मेरे साथ ही खेल खेला जा रहा है। पहले एक कंपनी से मिलकर उसे संचालन के लिए ठेका दे दिया गया। जब उस कंपनी नें अपनी गलती मान ली, तो फिर हमे संचालन के लिए दिया गया उसी बिडर के दर पर। लेकिन सिर्फ दो महीने के लिए जबकि टेंडर के लिए अभी 2 साल का समय और बचा है। इसी बीच में प्राधिकरण नें तीन बार नया टेंडर निकाल दिया है।
अबकी बार एक बड़ी परिवारवादी कंपनी से मिलकर हमे दरकिनार कर दिया गया है। एक 41 वर्षीय युवा कोच को दरकिनार करके उसके जगह एक 62 वर्षीय सरकारी मुलाजिम को दे दिया जा रह है, जो वर्तमान में भी इन्कम टैक्स में सरकारी मुलाजिम है। खिलाड़ियों के भविष्य के इससे बड़ा खिलवाड़ क्या हो सकता है।
पहली बार जब टेंडर निकाला गया था तो प्राधिकरण के भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी के मिलीभगत से बिडर नं-1 नें हमसे सिर्फ 500 रुपये ज्यादा और 5 प्वाइंट ज्यादा भरकर टेंडर हासिल कर लिया जो बाद में कंपनी ने अपनी गलती मानकर वापस ले लिया। जिसके बाद प्राधिकरण नें हमे संचालन के लिए सौपा। लेकिन अब जबकि टेंडर के 2 साल बचे है एक परिवारवादी कंपनी के साथ मिलकर हमे बेरोजगार कर दिया है। माननीय प्रधानमंत्री जो कि लालकिला से कहते है कि परिवारवाद देश के लिए घातक है, आज एक युवा कोच उसी परिवारवादी कंपनी के कारण बेरोजगार है और पिछले चार सालों से दर-बदर की ठोकरे खाने को मजबूर है। प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री से न्याय की आशा है ।
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