समाज जागरण रंजीत तिवारी
रामेश्वर वाराणसी।।
गुरु बिन ज्ञान न होत है, गुरु बिन दिशा अजान..। इन्हीं पंक्तियों को आत्मसात करते हुए गुरु पूर्णिमा पर गुरुजनों की पूजा की गयी। उनके महात्म का बखान हुआ। डॉ शीतला प्रसाद त्रिपाठी ज्योतिषाचार्य के शिष्यों ने आज उनके आवास पहुंच कर अपने गुरु का पूजन वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त करने की भीड़ सुबह से ही देखने को मिली।शिष्यों को आशीर्वचन देते हुए उन्होंने बताया धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी तिथि पर महर्षि वेदव्यास का अवतरण हुआ था, उन्होंने चारों वेदों का विभाजन, महाभारत की रचना तथा 18 पुराणों का संकलन कर मानव समाज को ज्ञान का अमूल्य भंडार प्रदान किया,इसलिए उन्हें आदिगुरु माना जाता है और इस दिन व्यास पूजा भी की जाती है।हम सभी अपने गुरुजनों के बताए मार्ग पर चलना चाहिए जिससे हमारे जीवन में आने वाली कठिनाई का हम सभी सामना कर सके।शिष्यों में मुख्य रूप से प्रदीप उपाध्याय, विवेक,संजय मिश्रा,राजू शुक्ला, अभिषेक, राज पाठक, पुनीत, सीता जायसवाल, शिवम तिवारी,चम्पा, अनिता सहित अन्य शिष्य उपस्थित रहे।
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