” बाॅलीवुड की एक फिल्म अभिनेत्री की आप बीती कहानी ”
मुंबई ( गिरजा शंकर अग्रवाल ) – सिंगर तथा एक्ट्रेस रीना अग्रवाल ने मुझे बताया कि मुझे पांच साल पहले आगरा से फिल्म इंडस्ट्री में कुछ मुकाम हासिल करने की चाह लेकर आयी थी।उन्होंने कहा, कि मैंने एक बार पूर्व राष्ट्रपति ” अब्दुल कलाम” जी का एक बहुत ही प्रेरणा दायक कोट् पढ़ा था! कि “सपने वो नहीं होते, जो आप रात को सोते समय देखते हो, सपने वो होते हैं, जो आप को रातों को सोने नहीं देते” तो बस तभी से मेरे दिमाग में ये बात घर कर गयी और मैं बॉलीवुड में मुकाम बनाने का सपना लेकर मैं मुंबई पहुंच गयी। आयी तो मैं एक्टिंग और सिंगिंग दोनों के लिए ही थी! लेकिन कुछ समय बाद ही मुझे अहसास होने लगा कि बॉलीवुड में मुकाम पाना तो दूर पैर जमाना भी बड़ा मुश्किल है वो भी एक आगरा जैसे छोटे शहर से आने वाली मेरे जैसी एक सीधी – सादी लड़की के लिए जिसका मुम्बई में ना कोई सपोर्ट ना ही कोई गॉड फादर। मुझे तो लगा! कि मैं किसी दूसरे ग्रह या किसी दूसरे लोक में आ गयी हूं।
सबकी नजरों और बातों में वही शोषण और नयी लड़की को ठगने की बातें, झूठे काम के वायदे । पांच साल से फिल्म इंडस्ट्री में काम करते हुए मुझे यही तजुर्बा हुआ! कि काम देने के नाम पर यहां शोषण बहुत ज्यादा होता है और कोई छोटा मोटा काम मिल भी जाए तो पैसा नहीं मिलता और अगर मिलता भी है तो बहुत कम और बहुत रगड़ा-रगड़ा कर।

एक और चीज जो स्ट्रगल करने वाले कलाकारों को सबसे ज्यादा परेशान करती है! वो ये है कि फिल्मों को छोड़कर बाकी सब प्रोजेक्ट्स में जहां भी काम मिलता है! 90 दिनों से पहले कहीं पैसा नहीं मिलता! इसलिए दिक्कतें और भी बढ़ जाती हैं। मतलब सुबह से रात तक पूरी मेहनत से अपना काम करो और बिना पैसे लिए खाली हाथ घर जाओ। बहुत दिल दुखता है! शायद ही किसी और इंडस्ट्री में ऐसा होता होगा। कई बार भूखा प्यासा भी रहना पड़ता है! और आराम नगर के कास्टिंग हाऊसेज मैं कई-कई सौ कलाकारों की लाइनें देखकर तो और दिल दहल जाता है!

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