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22 की उम्र में बनीं IPS, 28 में छोड़ी वर्दी, जानिए क्यों कम्या मिश्रा ने दिया इस्तीफा

2019 में UPSC परीक्षा पास कर बनीं अधिकारी, बिहार में कई अहम मामलों की जांच से मिली पहचान

नई दिल्ली। कम्या मिश्रा उन अधिकारियों में शामिल रही हैं जिन्होंने कम उम्र में संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा में प्रवेश किया। उन्होंने 2019 में महज 22 वर्ष की उम्र में UPSC परीक्षा पास की और IPS अधिकारी बनीं। हालांकि करीब छह वर्ष बाद उन्होंने 28 वर्ष की उम्र में पुलिस सेवा छोड़ने का निर्णय लिया।

ओडिशा की रहने वाली कम्या मिश्रा को प्रारंभ में हिमाचल प्रदेश संवर्ग मिला था। बाद में उनका संवर्ग बदलकर बिहार कर दिया गया। बिहार में विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने आपराधिक गिरोहों और अवैध शराब के कारोबार से जुड़े मामलों में कार्रवाई की। इसी दौरान उन्हें मीडिया में ‘लेडी सिंघम’ के नाम से भी संबोधित किया गया।

जियान साहनी हत्याकांड की जांच से चर्चा में आईं

जुलाई 2024 में विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी की हत्या के मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल की उन्होंने अगुवाई की। उस समय वह दरभंगा की ग्रामीण पुलिस अधीक्षक थीं।

मार्च 2024 में उन्हें दरभंगा का पहला ग्रामीण पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया था। इससे पहले वह बिहार पुलिस के अपराध अनुसंधान विभाग और पटना सचिवालय में सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में जिम्मेदारियां संभाल चुकी थीं।

दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई

कम्या मिश्रा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा दी और 2019 में सफलता हासिल की। हिमाचल प्रदेश में शुरुआती नियुक्ति के बाद करीब चार महीने सिरमौर में सेवा देने के पश्चात उनका संवर्ग बदलकर बिहार कर दिया गया।

उनके पति अवधेश दीक्षित भी भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं। दोनों की मुलाकात मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान हुई थी। अवधेश दीक्षित राजस्थान के रहने वाले हैं और उन्हें बिहार संवर्ग आवंटित हुआ था।

व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों से छोड़ी सेवा

कम्या मिश्रा ने अगस्त 2024 में IPS सेवा से इस्तीफा दिया था। उन्होंने इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों का उल्लेख किया था। उनका इस्तीफा तत्काल स्वीकार नहीं हुआ और नवंबर 2024 में उन्हें 180 दिन का अवकाश दिया गया।

इसके बाद 27 मार्च 2025 को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया, जिससे उनकी IPS सेवा औपचारिक रूप से समाप्त हो गई।

बाद में एक साक्षात्कार में कम्या मिश्रा ने अपने निर्णय के बारे में बताया कि वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं और उन्हें अपने पिता के व्यवसाय की जिम्मेदारी संभालनी है। उन्होंने कहा कि IPS अधिकारी बनना उनका व्यक्तिगत लक्ष्य था, जिसने उन्हें अपनी अलग पहचान दी।

इस तरह कम्या मिश्रा ने कम उम्र में हासिल की गई प्रतिष्ठित पुलिस सेवा को छोड़कर अपने पारिवारिक दायित्वों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया।


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