अंचल राजस्व कर्मचारी की मौजूदगी में नौ लोगों पर हमला करने का आरोप, थाना पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए एसपी से लगाई न्याय की गुहार
वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो
किशनगंज। सरकारी जमीन पर कथित कब्जे के प्रयास की शिकायत करना भोलमारा पंचायत के पूर्व मुखिया मोहम्मद इसराईल (56) को भारी पड़ गया। पौआखाली थाना क्षेत्र के भंकरद्वारी गांव निवासी पूर्व मुखिया ने नौ लोगों पर मारपीट करने और गला दबाकर हत्या का प्रयास करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का दावा है कि घटना के समय ठाकुरगंज अंचल कार्यालय के राजस्व कर्मचारी भी मौके पर मौजूद थे। मामले में थाना स्तर पर सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने पुलिस अधीक्षक, किशनगंज से न्याय की गुहार लगाई है।
पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन के अनुसार, भोलमारा मौजा में बिहार सरकार की करीब 100 एकड़ जमीन है। इस जमीन पर लंबे समय से आसपास के गरीब ग्रामीण अपने मवेशियों को चराते आ रहे हैं। पूर्व मुखिया का आरोप है कि गांव के कुछ लोग इस सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे, जिससे आम ग्रामीणों के सामने परेशानी खड़ी हो रही थी। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी किशनगंज को लिखित शिकायत दी थी। आवेदन की प्रतिलिपि ठाकुरगंज के अंचल अधिकारी को भी भेजी गई थी।
जांच के दौरान हमले का आरोप
पूर्व मुखिया के आवेदन में बताया गया है कि शिकायत के आधार पर 4 नवंबर 2026 को ठाकुरगंज अंचल कार्यालय के राजस्व कर्मचारी विवादित स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। पूर्व मुखिया का घर घटनास्थल के पास होने के कारण उन्हें भी मौके पर बुलाया गया था।
आरोप है कि जैसे ही वह वहां पहुंचे, पहले से मौजूद नौ नामजद लोगों ने एकजुट होकर उन पर हमला कर दिया। पीड़ित ने मोहम्मद शमीम सहित नौ लोगों को इस मामले में आरोपित किया है। उनका कहना है कि हमलावरों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की और गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की।
बीच-बचाव करने पहुंचे व्यक्ति को भी पीटा
पूर्व मुखिया के मुताबिक, मौके पर मौजूद राजस्व कर्मचारी और अन्य ग्रामीणों के हस्तक्षेप से उनकी जान बच सकी। मारपीट के दौरान वह बेहोश हो गए, जिसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें ठाकुरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका उपचार कराया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बचाने पहुंचे मोहम्मद अकसद के साथ भी मारपीट की गई, जिससे वह घायल हो गए। उनका भी ठाकुरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराया गया।
थाना पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप
पीड़ित ने आवेदन में बताया है कि घटना के बाद वह शिकायत लेकर पौआखाली थाना पहुंचे थे। आरोप है कि वहां उनकी शिकायत सुनने के बजाय उनके साथ दुर्व्यवहार और गाली-गलौज की गई। साथ ही प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय केवल साधारण आवेदन देने को कहा गया। इस कथित व्यवहार से आहत होकर उन्होंने पुलिस अधीक्षक के समक्ष अपनी शिकायत रखी है।
एसपी को सौंपे साक्ष्य और दस्तावेज
पूर्व मुखिया ने अपने आवेदन के साथ थाना अध्यक्ष से कथित बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग वाली पेन ड्राइव, सरकारी जमीन से संबंधित पूर्व शिकायत की छायाप्रति, राजस्व कर्मचारी की जांच से संबंधित आदेश, पौआखाली थाना में दिए गए आवेदन तथा स्वयं और मोहम्मद अकसद के उपचार से जुड़े दस्तावेज संलग्न करने की बात कही है।
उन्होंने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करने और न्याय दिलाने की मांग की है।
इस मामले में दूसरे पक्ष से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। फिलहाल सरकारी जमीन की वास्तविक स्थिति, कब्जे के प्रयास, मारपीट की घटना और पुलिस पर लगाए गए दुर्व्यवहार के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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