कटनी /शासकीय आदेशों का क्रियान्वयन जिले के शिक्षा विभाग में किस मंथरगति से होता है, इसका अनुमान शासन द्वारा कर्मचारियों के पक्ष में तीन प्रतिशत की दर से बढ़ी हुई महंगाई भत्ते की राशी का छः किस्तों में भुगतान प्रक्रिया को अभी तक चालू न करने से सहज ही लगाया जा सकता है।
गत अप्रैल2026 में शासन द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों को बढ़ी हुई महंगाई से दो- दो हाथ करने में हो रही परेशानी को दूर करने की दृष्टि से जुलाई 2025 से तीन प्रतिशत की दर सेमहंगाई भत्ता बढ़ाने से जुड़ा आदेश प्रसारित किया गया था।
आदेश में स्पष्ट किया गया था, कि प्रदेश के समस्त कर्मचारियों को बढ़े हुये भत्ता का लाभ एक अप्रेल 2026 से नियमित उनके वेतन में जोड़कर दिया जायेगा। साथ ही जुलाई 2025 से लेकर मार्च 2026तक के बकाया राशी को छः समान किस्तों में बांटकर मई से लेकर अक्टूबर 2026 तक हर माह समान किस्तों में उसका भुगतान सुनिश्चित कराया जावेगा।
लेकिन कटनी जिले के शिक्षा विभाग का दुर्भाग्य देखिये, कि पूरा मई और लगभग जून माह निकल जाने के बाद भी आज पर्यन्त तक महंगाई भत्ते के एरियर्स से जुड़ी कोई भी किस्त शिक्षकों के खाते में जमा नहीं कराई गयी।
तत संबंध में विभाग में चल रही मंथरगतीय शिक्षक हितैषी क्रिया प्रणाली पर गंभीर असंतोष व्यक्त करते हुये, अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा संघ की कटनी इकाई द्वारा घोर निंदा की गयी है।संगठन के पदाधिकारियों ने जिले के जबाबदेय अधिकारीयों को आड़े हाथों लेते हुये, मध्य प्रदेश शासन द्वारा कर्मचारियों के आर्थिक हितों से जुड़े समय समय पर प्रसारित सभी आदेशों को गंभीरता से लेने की मांग उठाये हैं।संयुक्त मोर्चा प्रवक्ता कुंवर मार्तण्ड सिँह राजपूत ने स्पष्ट किया, कि किसी शिक्षक के नुकसान से जुड़ा आदेश जिस तरह वगैर विलंब के त्वरित क्रियान्वयन कर अंजाम तक पहुँचाया जाता है, ठीक उसी प्रकार उनके हित संवर्धन से जुड़े आदेशों का भी परिपालन समय सीमा में होना समय की मांग है।जिले के शिक्षकों के आक्रोश को देखते हुये,शासन की मंशानुसार उन्हें उनका वास्तविक वित्तीय लाभ घोषित माह में दिये जाने की वकालत करने वालों में संस्थापक पं. सरमन तिवारी,जिलाध्यक्ष आर. के. बत्रा, हरप्रीत सिँह ग्रोवर, सुनील मिश्रा, संजय मिश्रा, अखिलेश मेहरा सहित समग्र शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा (जरवाही)शामिल हैं।
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