समाज जागरण/ जिला ब्यूरो प्रमुख
सोनभद्र। हरतालिका तीज के अवसर पर सोमवार को सुहागिन महिलाओं ने अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु की कामना के लिए निर्जला व्रत रखा। वहीं, कुंवारी कन्याओं ने मनचाहा वर पाने की कामना से उपवास किया। सुबह से ही क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए महिलाओं की भीड़ लगी रही। व्रती महिलाओं ने स्नान के बाद नए वस्त्र धारण कर सोलह श्रृंगार किया। इसके बाद माता पार्वती और भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा कर माता पार्वती को सुहाग की वस्तुएं अर्पित कीं।
महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और पति की लंबी आयु की कामना की। इस दौरान आचार्य कमलेश द्विवेदी ने व्रती महिलाओं को माता पार्वती की भगवान शिव के प्रति सच्ची और अटूट भक्ति की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए वन में रहकर अन्न और जल का त्याग कर कठोर तपस्या की थी। इसी परंपरा और आस्था का पालन करते हुए महिलाएं हरतालिका तीज पर निर्जला उपवास रखती हैं। आचार्य ने कहा कि हरतालिका तीज महिलाओं की आस्था, त्याग और समर्पण का पर्व है। इस दिन विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से मनोकामना पूरी होने की धार्मिक मान्यता है।
पूजा के दौरान सुमन पांडेय, निशा दुबे, सविता पांडेय, बिमला देवी, प्रमीता देवी, अन्नू पांडेय, सरोज देवी, बिन्नू पांडेय मौजूद रहीं।
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