सभी प्रमुख स्थलों को कॉरिडोर से जोड़ेगी सरकार
समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ बिहार को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। फुलवारी शरीफ के नदियावां गांव में आयोजित ‘सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर’ को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि बिहार के सभी प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को आधुनिक ‘कॉरिडोर’ से जोड़कर विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार आस्था, अध्यात्म और इतिहास की पावन भूमि है, लेकिन अब तक इसे वह पहचान नहीं मिली जिसकी यह हकदार थी।
सरकार अब मां मुंडेश्वरी मंदिर (कैमूर), हरिहरनाथ मंदिर (सोनपुर), विष्णुपद मंदिर (गया) और नालंदा व विक्रमशिला जैसे ऐतिहासिक धरोहरों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने जा रही है। उन्होंने कहा कि इन स्थलों को बेहतर सड़क संपर्क और आधुनिक आधारभूत संरचना से जोड़कर एक विशेष ‘धार्मिक पर्यटन सर्किट’ बनाया जाएगा, ताकि पर्यटकों को एक ही यात्रा में कई ऐतिहासिक स्थलों का सुगम भ्रमण मिल सके। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने में बिहार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पर्यटन के विकास से राज्य की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी, जिसका सीधा लाभ होटल, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापार को मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन की प्रक्रिया को गति दी जा रही है, जिससे बिहार की प्राचीन गौरवशाली शैक्षणिक परंपरा पुनर्जीवित होगी।
समारोह में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने ‘सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर’ को सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि पहले लोग सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर थे, लेकिन अब शिविर के माध्यम से 17 प्रमुख सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही छत के नीचे मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने वृद्धजन, दिव्यांग और विधवा पेंशन की राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तकनीकी दिक्कतों के कारण पेंशन से वंचित लोगों को चिन्हित कर तत्काल लाभ पहुँचाया जाए। साथ ही, उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए ‘आयुष्मान भारत’ कार्ड बनवाने की विशेष अपील की।
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