वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो, किशनगंज।
15 जून। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत 28 जून से 2 जुलाई 2026 तक किशनगंज जिले में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान जिले के 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 3 लाख 22 हजार 826 बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंद पिलाई जाएगी। अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिले में टीकाकर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण तेज कर दिया गया है।
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए जिले में 927 हाउस-टू-हाउस टीमें, 90 ट्रांजिट टीमें, 25 मोबाइल टीमें, 8 ओवरसीज ट्रांजिट टीमें, 315 सुपरवाइजर तथा 56 सब-डिपो बनाए गए हैं। सभी टीमों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि घर-घर जाकर प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाई जा सके।
उन्होंने बताया कि माइक्रोप्लान के अनुसार बहादुरगंज में 47,293, दिघलबैंक में 43,556, किशनगंज ग्रामीण में 30,609, किशनगंज शहरी में 17,950, कोचाधामन में 58,997, पोठिया में 42,561, टेढ़ागाछ में 29,868 तथा ठाकुरगंज में 51,992 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अभियान के दौरान पोलियो की खुराक पी चुके बच्चों की उंगली पर इंडेलिबल इंक का निशान लगाया जाएगा। साथ ही बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, चौक-चौराहों एवं अन्य प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट पर विशेष टीमें तैनात रहेंगी, ताकि यात्रा के दौरान भी कोई बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रह जाए। नवजात शिशुओं को भी अभियान में प्राथमिकता दी जाएगी।
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि भारत वर्ष 2014 से पोलियो मुक्त है, लेकिन पड़ोसी देशों अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अब भी पोलियो के मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे में पोलियो मुक्त दर्जा बनाए रखने के लिए प्रत्येक बच्चे तक वैक्सीन पहुंचाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि एक भी बच्चा टीकाकरण से छूट जाता है तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीकाकर्मियों को वैक्सीन के सुरक्षित उपयोग, कोल्ड चेन प्रबंधन तथा वैक्सीन वेस्टेज को न्यूनतम रखने संबंधी विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं और अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।
स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य जिले के प्रत्येक बच्चे को पोलियो जैसी गंभीर और आजीवन विकलांगता का कारण बनने वाली बीमारी से सुरक्षित रखना है। इसी उद्देश्य से अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा।
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