स्वच्छता ही सेवा अभियान में सम्मान समारोह, मदिरापान से तौबा और स्वच्छ दीपावली का भी दिया संदेश
बबराला। स्वच्छता केवल सड़कों और गलियों को चमकाने का नाम नहीं, बल्कि समाज में श्रम के सम्मान और बराबरी की भावना को मजबूत करने का भी माध्यम है। इसी भाव को साकार करते हुए सोमवार को अग्रवाल धर्मशाला में स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के तहत सफाई मित्र सम्मान समारोह आयोजित किया गया। नगर पंचायत के सफाई मित्रों का सम्मान करने के साथ जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने उनके साथ सहभोज किया। एक ही पंगत में साथ बैठकर भोजन करने की पहल ने सामाजिक समरसता और श्रम सम्मान का संदेश दिया।


कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष हर्षवर्धन वार्ष्णेय ने कहा कि सफाई मित्र नगर की स्वच्छता व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके श्रम से ही नगर की स्वच्छता व्यवस्था निरंतर चलती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान तभी सार्थक होगा, जब नागरिक भी अपनी जिम्मेदारी समझें और कूड़ा इधर-उधर न फेंककर निर्धारित स्थान पर डालें। उन्होंने लोगों से मदिरापान से तौबा करने और दीपावली पर घर-आंगन को स्वच्छ एवं सुंदर बनाकर पर्व मनाने का आग्रह किया।
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अमरेश तिवारी ने कहा कि स्वच्छता ही सेवा अभियान का उद्देश्य केवल सफाई कराना नहीं, बल्कि लोगों में स्वच्छता को लेकर स्थायी व्यवहार विकसित करना है। सफाई मित्र प्रतिदिन अपने श्रम से नगर को स्वच्छ रखने में योगदान देते हैं, इसलिए उनका सम्मान समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से सफाई व्यवस्था में सहयोग करने और स्वच्छता के प्रति समर्पित भाव रखने की अपील की।
कार्यक्रम में नगर पंचायत के ब्रांड एंबेसडर डॉ. कैलाश वार्ष्णेय, अरुण कुमार उर्फ डिंपल, अरविंद कुमार, कल्पित गोयल लकी, मुकेश गुप्ता, प्रशांत वार्ष्णेय, सुभाष वाल्मीकि, प्रमोद यादव और राजकुमार पाल समेत नगर पंचायत के कर्मचारी एवं सफाई मित्र मौजूद रहे। समारोह का केंद्र सम्मान से अधिक वह पंगत रही, जहां स्वच्छता कर्मियों के साथ सहभोज ने यह संदेश दिया कि नगर की स्वच्छता में योगदान देने वाला हर हाथ सम्मान का अधिकारी है।
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