सत्ता के संरक्षण पर चल रहा अवैध रेत का काला कारोबार
उमरिया — जिले में रेत उत्खनन का कारोबार भले ही प्रशासनिक तौर पर बंद चल रहा हो, लेकिन चोरी की रेत का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रही ।यह कारोबार पूरे जिले में सत्ताधीशों के संरक्षण में अलग-अलग क्षत्रपों के माध्यम से बेरोकटोक संचालित है , और प्रशासन है की इन अवैध रेत कारोबारियों की जान बूझकर हिफाजत करते देखे जा रहें हैं ।या की यह कहा जा सकता है कि अवैध रेत कारोबारियों जो सत्ता सीन दल के होने के कारण प्रशासन पर भारी पड़ रहें हैं ।ऐसा ही एक संवेदनशील मामला जिले के पाली तहसील में प्रकाश में आया है , जहां पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अंबिकेश प्रताप सिंह ने रेत भरें पांच ट्रेक्टरों को पकड़ा और बाद में सभी ट्रेक्टर मालिक अपने ट्रेक्टरों को एस डी एम को धता बताते हुए छुड़ा कर ले गये । यह सभी टेक्टर भारतीय जनता पार्टी के सफेद कुर्ता धारियों के है ,जो काली कमाई के दम पर अपने कुर्ते की सफेदी चमका रहे हैं । यद्यपि एस डी एम के हाथ में एक खाली ट्रेक्टर हाथ आया ,जिसे अपने ही डाईवर से चलवाते हुए घुनघुटी चौकी में लाकर पुलिस के सुपुर्द कर आगे की कार्यवाही के लिए खनिज विभाग को पत्र लिखा है ।शेष चार रेत भरें ट्रेक्टरो के बारे में एस डी एम अंबिकेश प्रताप सिंह का कहना है की बाकी ट्रेक्टर वाले अंधेरे का लाभ उठा कर भाग गये ।

खेद जनक कहा जाता है कि आज अवैध रेत कारोबारियों के हौसले इतने बुलंद हो गये है कि प्रशासनिक अधिकारी भी सुरक्षित नही रह गये , आज काले व्यवसायी प्रशासनिक अधिकारियों के ऊपर सत्ता और ताकत के बलबूते आज हमलावर बन कर शान से जी रहे हैं ।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अंबिकेश प्रताप सिंह ने अब तक जनता के बीच में न्याय पूर्ण कार्यवाही का भरोसा जीता था , लेकिन इस बार वह इस शाबाशी से चूक गए ।

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