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‘सोन अर्थ’ ब्रांड से दुनिया में चमकेगा सोनभद्र, महिलाओं के उत्पादों को मिलेगा लग्जरी बाजार

11 स्थानीय उत्पादों से तैयार होगा खास गिफ्ट हैंपर, जल्द लॉन्च होगा ब्रांड का लोगो

समाज जागरण / ब्यूरो चीफ विजय कुमार अग्रहरी

सोनभद्र। सोनभद्र के पारंपरिक, प्राकृतिक और स्थानीय उत्पादों को नई पहचान देने के लिए जिला प्रशासन ने ‘सोन अर्थ’ ब्रांड के जरिए बड़ी पहल की है। इस ब्रांड के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को आकर्षक पैकेजिंग और बेहतर मार्केटिंग के साथ बड़े बाजारों तक पहुंचाने की तैयारी है। जल्द ही ब्रांड का लोगो लॉन्च किया जाएगा। इसके साथ ही 11 स्थानीय उत्पादों से तैयार विशेष लग्जरी गिफ्ट हैंपर भी बाजार में उतारने की योजना है। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को नया बाजार मिलने और उनकी आमदनी बढ़ने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को प्रोत्साहित कर रहा है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के अनुसार, समूहों द्वारा तैयार विभिन्न उत्पादों को एक मंच पर लाकर उनकी ब्रांडिंग, पैकेजिंग और प्रचार-प्रसार किया जाएगा, जिससे सोनभद्र के उत्पादों को व्यापक पहचान मिल सके।

श्रीअन्न से बने ठेकुआ और कुकीज होंगे खास आकर्षण

सोनभद्र में ज्वार, बाजरा, रागी और कोदो जैसे मोटे अनाज की खेती बड़े पैमाने पर होती है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी दो हजार से अधिक महिलाएं इन फसलों की खेती से संबंधित कार्यों में लगी हैं। वहीं, 500 से अधिक महिलाएं श्रीअन्न से ठेकुआ और कुकीज तैयार कर रही हैं।

‘सोन अर्थ’ गिफ्ट हैंपर में रागी, कोदो, ज्वार और मिश्रित गेहूं से तैयार चार प्रकार के ठेकुआ शामिल किए जाएंगे। पारंपरिक स्वाद को आधुनिक पैकेजिंग के साथ ग्राहकों तक पहुंचाने की यह पहल स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाने में मददगार हो सकती है।

जंगली शहद और हर्बल साबुन भी बनेंगे पहचान

‘सोन अर्थ’ गिफ्ट हैंपर में सोनभद्र के जंगलों से प्राकृतिक रूप से संग्रहित जंगली शहद और कृषि उपज से तैयार हर्बल शहद को भी शामिल करने की योजना है। जनपद में एक हजार से अधिक महिलाएं शहद उत्पादन और संग्रहण से जुड़ी हैं।

इसके अलावा, बकरी के दूध, नीम, एलोवेरा, तुलसी, हल्दी-चंदन और अन्य हर्बल घटकों से तैयार विभिन्न प्रकार के साबुन भी गिफ्ट हैंपर का हिस्सा होंगे। साबुन निर्माण के कार्य से एक हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं।

मंदिरों के फूलों से तैयार अगरबत्ती को मिलेगा बाजार

सोनभद्र के प्रसिद्ध मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों का उपयोग कर महिलाएं सुगंधित अगरबत्तियां तैयार कर रही हैं। इस कार्य से 200 से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। शिवद्वार अगरबत्ती को भी ‘सोन अर्थ’ गिफ्ट हैंपर में शामिल किया जाएगा। इससे धार्मिक स्थलों पर चढ़ाए गए फूलों के उपयोग के साथ महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में मदद मिल सकती है।

होर्डिंग और वीडियो प्रोमो से होगा प्रचार

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के अनुसार, ‘सोन अर्थ’ ब्रांड को बाजार में स्थापित करने के लिए आकर्षक पैकेजिंग, मार्केटिंग और व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए होर्डिंग, हैंडबिल, पर्चे और वीडियो प्रोमो का इस्तेमाल करने की तैयारी है।

प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य सोनभद्र के पारंपरिक स्वाद, प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय हुनर को एक विशिष्ट ब्रांड के रूप में पहचान दिलाना है। यदि उत्पादों को बेहतर बाजार और नियमित मांग मिलती है, तो स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में ‘सोन अर्थ’ महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


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