दैनिक समाज जागरण
विश्व नाथ त्रिपाठी
प्रतापगढ़। सरकार की मंशा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शिक्षक को बख्शा नहीं जाएगा ये वाक्य है ्वेसक शिक्षा धिकारी भूपेन्द्र सिंह का जिन्हें शिकायत मिली थी कि जनपद में बेसिक शिक्षकों की लापरवाही व मनमानी के कारण केवल शिक्षा का स्तर ही नहीं गिर रहा है अपितु छात्रों का भविष्य भी चौपट हो रहा है । बेसिक शिक्षकों की मनमानी कोई नयी बात नहीं है ।इनको ठीक करने की बहुत सी योजनाएं शासन व स्थानीय तौर पर बनाई गयी लेकिन किसी की एक भी नहीं चली उसका कारण केवल अफसरों की स्वार्थ सिद्धि ही हुआ करती थी।
स्थानीय अफसर जिसे एस डी आई कहते हैं वहीं शिक्षकों के हर अनाचार का केन्द्र बिंदु हुआ करता था। बात तो यहां तक थी कि शिक्षक एस डी आई को मैनेज करके विद्यालय से बाहर रह कर एक माह तक प्रयागराज में कल्पवास भी कर लेता था। समय से विद्यालय न आना ,आकर के भी न पढ़ाना या अपने स्थान पर किसी व्यक्ति को मानदेय पर पढ़ाने के लिए रख देना आम बात थी।
अंगूठा लगा कर बायो मैट्री उपस्थित का विरोध इसी कामचोरी का हिस्सा था । सरकार के बैकफुट पर जाने से लापरवाह शिक्षकों का मनोबल बढ़ा और अपने पुराने ढर्रे पर चल पड़े उन्हें क्या पता था कि अनुशासन प्रिय ,कर्तव्य के प्रति निष्ठावान अधिकारी अचानक शासन की मंशा को कैसे इतना सख्त हो जायेगा?
हुआ यह कि जब बेसिक शिक्षाधिकारी भूपेंद्र सिंह को शिकायत मिली कि कुछ विद्यालयों के शिक्षक मनमानी कर छात्रों का भविष्य चौपट कर रहे हैं तो उन्होंने औचक निरीक्षण शुरू किया और उन्होंने २८ लापरवा शिक्षकों का वेतन रोक कर स्पष्टीकरण मांगा गते हुए यह भी संदेश दिया कि लापरवाह शिक्षक बख्शे नहीं जायेंगे।समय से आना होगा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व छात्रों के प्रति सब को उत्तरदाई होना पड़ेगा।
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