दैनिक समाज जागरण अनील कुमार संवाददाता नबीनगर (औरंगाबाद)
नवीनगर (बिहार)आस्था और उत्साह का संगम। नबीनगर प्रखंड के कांडी गांव में शुक्रवार 12 जून 2026 को भक्ति का माहौल पूरी तरह बदल गया। सदियों पुराना मां गजेन्द्रेश्वरी देवी मंदिर फूलों, बेलपत्र और दीपों से सजकर दुल्हन की तरह चमक उठा। हर साल 12 जून को मनाया जाने वाला स्थापना दिवस इस बार भी पूरे उल्लास के साथ मनाया गया।सूरज निकलने से पहले ही मंदिर परिसर जयकारों से गूंजने लगा। विद्वान पंडित व्रजेश तिवारी के मुखारविंद से वैदिक मंत्रोच्चारण शुरू हुआ। श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर की परिक्रमा करती रहीं।
बेलपत्र, फूल-माला और विविध सामग्री से मां गजेन्द्रेश्वरी का भव्य श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के बाद माता की छटा ऐसी थी कि भक्त पलकें झपकाना भूल गए।विधि-पूर्वक पूजन के बाद माता को भोग लगाया गया। इसके बाद आए हुए सभी भक्तों के बीच महाप्रसाद वितरित किया गया। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर माता का आशीर्वाद लिया।मंदिर के प्रधान सेवक गजेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि ये मंदिर सैकड़ों साल पुराना है। आधुनिक शैली में जीर्णोद्धार के बाद से हर साल 12 जून को ही मां की स्थापना तिथि श्रद्धा और उत्साह से मनाई जाती है।कांडी और आसपास के गांवों के लोगों की गहरी आस्था है कि मां गजेन्द्रेश्वरी के दरबार में जो भी सच्चे मन से हाजरी लगाता है, उसकी मुराद जरूर पूरी होती है। इसी विश्वास के कारण हर साल श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही है।पूरे दिन मंदिर में भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा और गांव का माहौल भक्तिमय बना रहा।
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