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सचिव बेली से तंग सरपंच और पंचो ने प्रभारी मंत्री से लगायी तबादले की गुहार

जन कल्याण शिविर की शिकायत का अब तक नहीं हुआ समाधान

बिरसिंहपुर पाली — जन कल्याण शिविर अमिलिहा में उमरिया जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान को बेली ग्राम पंचायत की आदिवासी महिला सरपंच श्रीमती केमली बाई ने पंचो सहित उपस्थित होकर सचिव के मनमानी कार्य शैली, अनियमितताओं, और शासकीय धन राशि के अपव्यय की राम कहानी सुनाई, साथ ही मय पंचो के एक आवेदन पत्र देकर तबादले की मांग की थी, जिस पर प्रभारी मंत्री ने कलेक्टर उमरिया को आवेदन देते हुए निर्देश दिए गए थे कि तत्काल इस सचिव को अटैच करते हुए अन्य को प्रभार दे, लेकिन जन कल्याण शिविर संपन हुए एक पखवाड़ा व्यतीत हो गयें, प्रभारी मंत्री के निर्देश का पालन करना कलेक्टर उमरिया ने उचित नहीं समझा।


ध्यान देने योग्य है कि 12 पंचीय बेली ग्राम पंचायत सचिव की कार्य प्रणाली से तंग सरपंच, उप सरपंच सहित 10 लोगों ने उपस्थित होकर जन कल्याण शिविर में कलेक्टर उमरिया और प्रभारी मंत्री के समक्ष शिकायत दर्ज करायी गयी थी फिर भी न जाने की प्रशासनिक व्यवस्था में ग्राम पंचायत सचिव को हटाने में इतनी बड़ी क्या बाधा उत्पन्न हो रही है कि जन कल्याण शिविर की मंशा पर पानी फेरते हुए सरपंच की मांग और प्रभारी मंत्री के निर्देश सभी को धत्ता बताते हुए सचिव को अभय कर दिया गया है। बताया जाता है की जन कल्याण शिविर में उठी इस मांग पर अब तक न जांच प्रक्रिया शुरू हुई और ना ही सचिव को वहाँ से हटाया गया।


पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम के तहत पचास प्रतिशत से अधिक पंच, उप सरपंच और सरपंच अगर सचिव के अनुशासन हीनता, वित्तीय अनियमितता की शिकायत करते हैं तो जांच में दोषी पाये जाने पर सचिव को हटाने की कार्यवाही की जानी चाहिए, लेकिन बेली ग्राम पंचायत के सचिव के ऊपर अब तक जांच ही शुरू नहीं हुई है।
विचारणीय है कि जब सचिव की कार्य प्रणाली से ग्राम पंचायत के सभी जन प्रतिनिधि तंग है, तब भी प्रशासनिक अधिकारी विधि पूर्ण कार्यवाही से बचते घूम रहे हैं।

सचिव ने शिकायत कर्ताओं को फंसाने की दी धमकी
प्रशासनिक व्यवस्था की ढुल मुल कार्य शैली का लाभ उठाते हुए बेली ग्राम पंचायत के सचिव ने अपना तांडव शुरू कर दिया है। बताया जाता है वह शिकायत कर्ताओं को झूठे आरोपों में फंसाने की खुली धमकी देते हुए कहा कि आप मेरी शिकायत करते हो मैं आपके विरूद्ध मान हानि के मामले के साथ ऐसे मामले में फंसाऊगा की कोई भी बचा नहीं सकता।

सचिव के इस धमकी से ग्राम पंचायत में और ही असंतोष के श्वर मुखर हो गयें है। बताया जाता है कि बेली में पदस्थ यही सचिव साहबान इसके पहले इसी जनपद के गोयरा ग्राम पंचायत में शासकीय धन राशि के आरोप में लगभग एक पंच वर्षीय से ज्यादा समय तक निलंबित रहे हैं , धन्य हो जिला पंचायत के सीईओ साहब की जिन्होंने बिना किसी सुनवाई, दण्ड के बहाल कर बेली ग्राम पंचायत के तिजोरी की चाबी पकडा दिये है, तब से सचिव महोदय ऐसे तानाशाह बन कर पाली नगर के सडको में घुमते रहते हैं, इन्हें पंचायत के कार्यों से कोई लेना देना नहीं है।


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