वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो, किशनगंज।
ठाकुरगंज प्रखंड के रसिया पंचायत अंतर्गत अंतिम छोर पर स्थित गोविंदपुर गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। गांव को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क वर्षों से बदहाल पड़ी हुई है। आजादी के 75 वर्ष बाद भी यहां पक्की सड़क का निर्माण नहीं होना सरकारी दावों और विकास योजनाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
स्थानीय ग्रामीण राजू कुमार सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि यह सड़क केवल गोविंदपुर ही नहीं, बल्कि डेगाबस्ती के लोगों के लिए भी जीवनरेखा है। लेकिन बरसात शुरू होते ही सड़क कीचड़ और जलजमाव में तब्दील हो जाती है, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। कई बार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
स्कूल जाने वाले बच्चे और बच्चियां रोजाना जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। जगह-जगह बने गड्ढे, फिसलन और जलजमाव के कारण छात्रों को भारी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही शायद प्रशासन की नींद खुलेगी।
स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान विकास और सड़क निर्माण के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही गांव की समस्याओं को भुला दिया जाता है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि उनके क्षेत्र के साथ लगातार सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
एक ओर पथ निर्माण विभाग और सरकार हर गांव तक सड़क पहुंचाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर गोविंदपुर की बदहाल सड़क इन दावों की जमीनी हकीकत बयां कर रही है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि आखिर कब तक उन्हें बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जाएगा।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सड़क की तत्काल जांच कर अविलंब निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



