मोदी मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकीं निगाहें, हिमाद्री सिंह को लेकर तेज हुईं राजनीतिक चर्चाएं**
अनूपपुर | विशेष प्रतिनिधि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचल शहडोल लोकसभा संसदीय क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। क्षेत्र में एक बार फिर यह सवाल प्रमुखता से उठने लगा है कि क्या इस बार शहडोल को केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिलेगा, या फिर चार दशक से अधिक समय से चला आ रहा इंतजार और लंबा हो जाएगा।
शहडोल संसदीय क्षेत्र का राजनीतिक इतिहास भले ही प्रभावशाली रहा हो, लेकिन केंद्र सरकार में प्रतिनिधित्व के मामले में यह क्षेत्र पिछले 41 वर्षों से लगातार उपेक्षित रहा है। वर्ष 1985 के बाद से शहडोल से निर्वाचित किसी भी सांसद को केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला। ऐसे में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर क्षेत्रवासियों की उम्मीदें एक बार फिर जाग उठी हैं।
स्व. दलवीर सिंह के बाद नहीं मिला किसी सांसद को केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान
शहडोल से तीन बार लोकसभा सदस्य रहे स्वर्गीय दलवीर सिंह इस संसदीय क्षेत्र के अंतिम सांसद थे जिन्हें केंद्र सरकार में मंत्री बनने का अवसर मिला।
उनका मंत्री पद का कार्यकाल इस प्रकार रहा—
सितंबर 1985 से दिसंबर 1989 — केंद्रीय राज्य मंत्री (शहरी विकास मंत्रालय), तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के मंत्रिमंडल में।
जून 1991 से जनवरी 1993 — केंद्रीय राज्य मंत्री (वित्त मंत्रालय), तत्कालीन प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिम्हा राव के मंत्रिमंडल में।
इसके बाद से शहडोल संसदीय क्षेत्र का कोई भी सांसद केंद्र सरकार में मंत्री नहीं बन सका।
दलवीर सिंह के बाद इन सांसदों ने किया क्षेत्र का प्रतिनिधित्व
दलवीर सिंह के बाद शहडोल लोकसभा क्षेत्र से कई सांसद निर्वाचित हुए, लेकिन किसी को भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली।
ज्ञान सिंह — 1996 एवं 2014
दलपत सिंह परस्ते — 1998, 1999 एवं 2004 (लगातार तीन बार)
स्व. राजेश नंदिनी सिंह — 2009
हिमाद्री सिंह — 2019 एवं 2024 (लगातार दूसरी बार)
हिमाद्री सिंह को लेकर बढ़ीं उम्मीदें
लगातार दूसरी बार लोकसभा पहुंचीं हिमाद्री सिंह वर्तमान में विंध्य–महाकौशल अंचल की प्रमुख आदिवासी महिला सांसदों में शामिल हैं। आदिवासी प्रतिनिधित्व, महिला नेतृत्व और लगातार दो बार की जीत को देखते हुए राजनीतिक गलियारों में उनके नाम की चर्चा तेज है।

भाजपा कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और क्षेत्र के नागरिकों द्वारा भी उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की मांग समय-समय पर उठाई जाती रही है।
मंत्री बनने से विकास को मिल सकती है नई रफ्तार
शहडोल संसदीय क्षेत्र में अनूपपुर, शहडोल और उमरिया जिले शामिल हैं। खनिज संपदा, कोयला उत्पादन, वन संपदा और आदिवासी संस्कृति से समृद्ध इस क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यदि क्षेत्र के सांसद को केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिलता है तो रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, उद्योग, सिंचाई और रोजगार जैसी विकास परियोजनाओं को नई गति मिल सकती है।
दिल्ली के फैसले पर टिकीं लाखों लोगों की उम्मीदें
संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक चर्चाओं के बीच शहडोल संसदीय क्षेत्र में उम्मीदों का माहौल है। यदि इस बार सांसद हिमाद्री सिंह को केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान मिलता है तो करीब 41 वर्षों बाद शहडोल लोकसभा क्षेत्र को फिर से केंद्र सरकार में प्रतिनिधित्व मिलेगा, जो क्षेत्र के राजनीतिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय होगा। वहीं यदि ऐसा नहीं होता है, तो शहडोल की यह प्रतीक्षा आगे भी जारी रहेगी और केंद्रीय प्रतिनिधित्व का मुद्दा क्षेत्र की प्रमुख राजनीतिक मांग बना रहेगा।
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