दैनिक समाज जागरण 14.07.2026 चांद कुमार लायेक (ब्यूरो चीफ) पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुरड
जमशेदपुर एक वर्ष की प्रतीक्षा के बाद एक बार फिर भगवान श्रीजगन्नाथ की भव्य रथयात्रा का साक्षी बनने जा रहा है। इस्कॉन जमशेदपुर के तत्वावधान में भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भगवान बलभद्र की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा 16 जुलाई, गुरुवार को बिष्टुपुर स्थित श्री राधा गोविंद (आंध्र भक्त श्री राम) मंदिर से पूरे धार्मिक उत्साह, श्रद्धा और भक्ति के साथ निकाली जाएगी। आयोजन को लेकर मंगलवार को इस्कॉन की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में रथयात्रा की तैयारियों और कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की गई।
आयोजकों के अनुसार रथयात्रा दोपहर 2:30 बजे विधिवत पूजा-अर्चना और विशेष अनुष्ठान के बाद मंदिर परिसर से प्रारंभ होगी। लगभग 4.5 किलोमीटर लंबी यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए शाम करीब 7:30 बजे साकची वाहन पड़ाव पहुंचेगी। यात्रा का मार्ग गोपाल मैदान, गुरु नानक गोलचक्कर, स्ट्रेट माइल रोड और कीनन स्टेडियम होते हुए साकची तक निर्धारित किया गया है। इस दौरान हजारों श्रद्धालु “हरे कृष्ण, हरे राम” के संकीर्तन और भजन-कीर्तन के बीच भगवान के रथ को खींचने का सौभाग्य प्राप्त करेंगे।
इस वर्ष की रथयात्रा की सबसे बड़ी विशेषता तीन विशाल और आकर्षक रथ होंगे, जिन्हें फूलों, रंग-बिरंगी पताकाओं, ध्वजों और विशेष प्रकाश सज्जा से भव्य रूप दिया गया है। इन रथों पर भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भगवान बलभद्र विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे और श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। इस्कॉन के वरिष्ठ आचार्य स्वामी पद्मनाम जगन्नाथ दास जी के मार्गदर्शन में पिछले एक माह से रथयात्रा की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं।
आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक व्यवस्था की है। यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन के लिए लगभग एक हजार प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी। ये स्वयंसेवक रथ संचालन, श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन, आपातकालीन सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं का समन्वय करेंगे। इसके अलावा संभावित बाधाओं और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए भी विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है।
रथयात्रा को सफल बनाने में शहर की अनेक सामाजिक, धार्मिक और सेवा संस्थाएं भी अपनी भागीदारी निभाएंगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविर लगाए जाएंगे, जहां पेयजल, महाप्रसाद, शीतल पेय, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस सेवा कार्य में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, दुर्गा वाहिनी, क्रीड़ा भारती, रेड क्रॉस, ग्रीन कैंप्स फाउंडेशन, लव वॉरियर्स, रोटरी, जेसीआई, मारवाड़ी युवा मंच, अग्रवाल समाज तथा गोशाला समिति सहित कई संस्थाएं सहयोग करेंगी।
यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर भगवान की आरती, भजन-कीर्तन और महाप्रसाद वितरण का भी आयोजन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस आध्यात्मिक उत्सव से जुड़ सकें। इस्कॉन का उद्देश्य रथयात्रा को केवल एक धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखकर सामाजिक समरसता, प्रेम, करुणा और मानवता का संदेश देने वाले महोत्सव के रूप में स्थापित करना है।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए स्वामी पद्मनाम जगन्नाथ दास जी ने कहा कि रथयात्रा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि प्रेम, सेवा, करुणा और भाईचारे का संदेश देने वाला उत्सव है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल हों तथा शांति, अनुशासन और आपसी सद्भाव बनाए रखते हुए रथयात्रा को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।
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