समाज जागरण/ आदिवासी सुनील त्रिपाठी
चोपन/ सोनभद्र। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज चोपन स्थित गुरुद्वारा इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रांगण में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत भव्य वृक्षारोपण एवं आम के पौधों का वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके साथ ही विद्यालय में वन महोत्सव का भी आयोजन किया गया, जिसमें वन विभाग के अधिकारियों और विद्यालय प्रशासन ने संयुक्त रूप से सहभागिता की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित क्षेत्रीय वन अधिकारी (डाला) इंद्रजीत पाल ने दीप प्रज्वलित कर वन महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को पर्यावरण संतुलन और मानव जीवन में पेड़-पौधों के महत्व के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई।
जीवन में पौधों का महत्व और पर्यावरण चेतना विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि इंद्रजीत पाल ने कहा: ”पेड़-पौधे केवल पर्यावरण की सुंदरता नहीं बढ़ाते, बल्कि ये हमारे जीवन की प्राणवायु हैं। ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के इस दौर में वृक्षारोपण ही एकमात्र ऐसा उपाय है जो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य दे सकता है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का उद्देश्य हर व्यक्ति को अपनी माँ के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए प्रकृति की सेवा से जोड़ना है।”
विद्यालय के प्रधानाचार्य ने भी छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि केवल पौधा लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि एक संतान की तरह उसकी देखभाल कर उसे वृक्ष बनाना हम सभी का नैतिक दायित्व है। कार्यक्रम के दौरान सभी छात्रों ने संकल्प लिया कि वे अपने द्वारा लगाए गए पौधों की सुरक्षा और सिंचाई का पूरा ध्यान रखेंगे।
आम के पौधों का हुआ वितरण; वन महोत्सव के इस विशेष अवसर पर पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यालय के छात्र-छात्राओं और स्टाफ के बीच भारी संख्या में फलदार आम के पौधों का वितरण किया गया। बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ पौधों को ग्रहण किया और उन्हें अपने घरों व आसपास रोपने का संकल्प लिया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति; इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में वन विभाग और विद्यालय परिवार का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से: इंद्रजीत पाल (क्षेत्रीय वन अधिकारी, डाला) अनिल कुमार (डिप्टी रेंजर) अंकित सिंह (वन दरोगा) बृजनंदन यादव (वन दरोगा) लालू और इरफान खान (वन कर्मी) इसके साथ ही गुरुद्वारा इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रधानाचार्य, समस्त शिक्षक गण, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और पर्यावरण संरक्षण के नारों के साथ हुआ।
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