google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

पटना से प्रशिक्षण लेकर लौट रहे मधेपुरा के तीन थानाध्यक्षों समेत चार की मौत

पुलिस महकमे में शोक की लहर

समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश

पटना/ बिहार पुलिस के लिए गुरुवार की रात एक ऐसा काला अध्याय लेकर आई, जिसने चार परिवारों को ताउम्र न भरने वाला जख्म दे दिया। पटना से प्रशिक्षण लेकर मधेपुरा लौट रहे जिले के तीन थानाध्यक्षों और एक निजी चालक की दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और चारों लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, राज्य पुलिस मुख्यालय में NCRB और NIC के विशेषज्ञों द्वारा थानाध्यक्षों को सीसीटीएनएस (CCTNS) का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा था। इस प्रशिक्षण में भाग लेने के बाद मधेपुरा जिले के अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र, रतवारा थानाध्यक्ष साजन कुमार पासवान और बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार गुरुवार शाम करीब साढ़े छह बजे एक कार से मधेपुरा के लिए निकले। गाड़ी को उदाकिशुनगंज के रहने वाले निजी चालक ज्योतिष कुमार चला रहे थे।

देर रात करीब एक बजे जब उनकी गाड़ी बेगूसराय के साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े एक ट्रक में उनकी कार अनियंत्रित होकर जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिला। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक चारों की सांसें थम चुकी थीं। इस हादसे ने पुलिस विभाग के तीन होनहार अधिकारियों को छीन लिया। मृतकों में कटिहार जिले के मनिहारी निवासी ज्ञानेंद्र 2009 बैच के दारोगा थे।

सितंबर 2025 से वे अरार थाने की कमान संभाल रहे थे। उनकी गिनती विभाग के शांत और मृदुभाषी अधिकारियों में होती थी। जबकि कैमूर जिले के भभुआ निवासी साजन 2018 बैच के अधिकारी थे। अगस्त 2025 से वे रतवारा थाने में पदस्थापित थे। उनके घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन एक झटके में खुशियां मातम में बदल गईं। वही गया के रहने वाले नीरज 2018 बैच के ही दारोगा थे। उन्हें बेलारी थाने की जिम्मेदारी संभाले महज एक सप्ताह ही हुए थे।

वे अपने पीछे एक साल का मासूम बेटा और पत्नी छोड़ गए हैं। इसके अलावे हादसे में जान गंवाने वाले चौथे व्यक्ति निजी चालक ज्योतिष कुमार थे, जो उदाकिशुनगंज थाना के चालक मनोज पासवान के पुत्र थे। हादसे की खबर जैसे ही संबंधित परिवारों तक पहुंची, कोहराम मच गया। किसी के सिर से पिता का साया उठ गया, तो किसी बूढ़े माता-पिता के बुढ़ापे का सहारा छिन गया। पुलिस मुख्यालय और मधेपुरा पुलिस महकमे में भी गहरा शोक व्याप्त है। अधिकारियों ने इस घटना को एक अपूरणीय क्षति बताया है। इस हादसे ने सुरक्षा मानकों और सड़क हादसों की भयावहता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Leave a Reply

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)