समाज जागरण रंजीत तिवारी
रामेश्वर वाराणसी।।
खादी और ग्रामोद्योग आयोग के सहयोग से खादी संस्थानों द्वारा लगातार गाँधी की खादी के बदलते कलेवर देखने को मिल रहा है जिसमे खादी प्रेमियों की खादी के प्रति उत्साह बढ़ रही है साथ ही खादी के बढ़ते कदम से रोजगार में प्रतिदिन बढ़ोतरी दर्ज हो रही है जो खादी के उन्नत भविष्य में सहायक है|
खादी और ग्रामोद्योग आयोग (भारत सरकार) द्वारा वर्ष 2011 तक रिबेट के रूप में मात्र 90 कार्य दिवस सब्सिडी के रूप में बिक्री पर प्राप्त होता रहा| आयोग द्वारा उक्त योजना को वर्ष 2011 से बंद कर दी गयी जिसके बदले आयोग द्वारा रिबेट योजना को बंद करते हुए एम.डी.ए. योजना प्रारंभ की गयी जिसके माध्यम से वर्ष भर खादी वस्त्रों पर छूट के साथ-साथ उत्पादन से जुड़े कारीगरों को सीधे डी.बी.टी. के माध्यम से बोनस प्राप्त होने लगा जो खादी से जुड़े सभी कारीगर कत्तिन/बुनकर, कार्यकर्त्ता, सिलाई-रंगाई एवं प्रशोधन में लगे सभी मेहनतकार को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सब्सिडी रकम प्राप्त होने लगा जो उत्पादन वृद्धि में सहायक सिद्ध हुई|नकली खादी से बचाव
खादी और ग्रामोद्योग आयोग (भारत सरकार) द्वारा नकली खादी बिक्री पर रोक हेतु खादी मार्का के साथ देश स्तर पर टेक्सटाइल्स कमेटी एवं अन्य जाँच एजेंसियों से खादी कपड़ों का सैम्पलिंग कराया जाता रहा है साथ ही पुरे देश के लिए खादी इंडिया लोगो के इस्तेमाल से समय-समय पर प्रोत्साहित किया जाता रहा है जिससे खादी बिक्री की एकरुपता बनी रहे एवं ग्राहकों को शुद्ध खादी का लाभ एवं पहचान मिल सके|कच्चा माल भण्डारण
खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा वाराणसी क्षेत्र की संस्थाओ की मांग पर कच्चा माल की सुलभ उपलब्धता हेतु अतिशीघ्र कच्चा माल गोदाम की स्थापना की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी| स्थापना की प्रक्रिया प्रगति पर है, जिससे वाराणसी क्षेत्र की संस्थाओं को कच्चा माल कम खर्च पर संस्थाओं को प्राप्त होने लगेगी ।
खादी और ग्रामोद्योग आयोग (भारत सरकार) के माननीय अध्यक्ष श्री मनोज कुमार जी के अथक प्रयास एवं वाराणसी के यशस्वी सांसद देश के माननीय प्रधानमंत्री जी की अपील से खादी की अभूतपूर्व बिक्री रु. 170551.00 करोड़ की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज हुयी जो खादी क्षेत्र के कारीगरों लिए वरदान है साथ ही साथ समय-समय पर वाराणसी क्ष्रेत्र में माननीय अध्यक्ष महोदय द्वारा टूल किट्स वितरण, खादी सम्मलेन एवं खादी प्रदर्शनी आदि के माध्यम से खादी उत्पादन एवं बिक्री हेतु प्रोत्साहित किया जाता रहा जिससे लोगो को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए| संदीप सिंह कृषक विकास ग्राम उद्योग संस्थान सिरिहिरा के मंत्री ने कहा कि खादी मात्र एक वस्त्र नहीं, बल्कि स्वावलंबन, राष्ट्रप्रेम, सादगी और भारतीय संस्कृति की गौरवशाली पहचान है।



