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पटना के पंडारक में कस्तूरबा स्कूल में छात्रा के साथ अमानवीय बर्ताव

खौलता दूध गिरने से झुलसी, काम कराने का आरोप

समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश

पटना/ जिले के पंडारक स्थित कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय में एक छात्रा के गंभीर रूप से झुलसने की घटना ने सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था और छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छठी कक्षा की छात्रा सुहानी कुमारी खौलता दूध गिरने से बुरी तरह झुलस गई। परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन पर लापरवाही और छात्राओं से जबरन घरेलू काम कराने का आरोप लगाया है। घायल छात्रा के अनुसार, उसे रसोईघर से गर्म दूध का बर्तन हटाने के लिए मजबूर किया गया। आरोप है कि इस दौरान एक महिला कर्मी ने उसे धक्का दे दिया, जिससे वह गिर गई और खौलता दूध उसके चेहरे व गर्दन पर फैल गया। परिजनों का सबसे गंभीर आरोप यह है कि घटना के बाद बच्ची को अस्पताल ले जाने के बजाय छात्रावास कर्मियों ने उसके जले हुए अंगों पर नमक और हल्दी लगा दी, जिससे उसकी पीड़ा और बढ़ गई।

आरोप है कि प्रबंधन ने लगभग 24 घंटे तक बच्ची को बिना चिकित्सीय सहायता के छात्रावास में ही छिपाए रखा। बुधवार को जब छात्रा की मां उससे मिलने पहुंची, तो उन्हें भी धमकाकर वापस भेजने की कोशिश की गई।पीड़ित छात्रा ने बताया कि छात्रावास में नियमित रूप से बच्चियों से शौचालय की सफाई, झाड़ू-पोछा और रसोई में रोटी बेलने जैसे काम कराए जाते हैं। विरोध करने पर छात्राओं के साथ मारपीट और प्रताड़ना की जाती है। यह बाल अधिकार नियमों का खुला उल्लंघन है। गुरुवार की शाम परिजनों के लिखित आवेदन पर पंडारक थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। थाना प्रभारी नवनीत राय ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। हालांकि, घटना के बाद से ही विद्यालय प्रबंधन ने चुप्पी साध रखी है और किसी ने भी आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। शिक्षा विभाग की इस लापरवाही ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है, जो अब दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


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