google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

जंतर-मंतर विवाद के बीच रुचि तिवारी का नेहा बोरा पर सवाल—मेरे साथ हुई कथित बदसलूकी के समय महिला सुरक्षा कहां थी?

रुचि तिवारी का दावा—महिला सुरक्षा के नाम पर राजनीतिक ‘विक्टिम कार्ड’ खेलकर युवाओं और जनता को गुमराह करने की कोशिश

रिपोर्ट : रविंद्र आर्य

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर पिछले दो दिनों से चल रहे प्रदर्शन और दिल्ली पुलिस पर महिला पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों के बीच अब पत्रकार रुचि तिवारी ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। नेहा बोरा ने जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस पर महिलाओं के साथ कथित बदसलूकी के आरोप लगाए हैं और महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाया है।

इसी बीच रुचि तिवारी ने अपने साथ फरवरी 2026 में दिल्ली विश्वविद्यालय में हुई कथित घटना को याद करते हुए सवाल किया है कि जब उनके साथ भीड़ के बीच कथित मारपीट, अभद्रता और कपड़े खींचने की कोशिश हुई थी, तब महिला सुरक्षा का मुद्दा इतनी मजबूती से क्यों नहीं उठाया गया। तिवारी का आरोप है कि उस समय नेहा बोरा भी मौके पर मौजूद थीं और उन्होंने कथित तौर पर उनके साथ हुई बदसलूकी को रोकने के बजाय भीड़ को उकसाया। इन आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इन्हें रुचि तिवारी के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

रुचि तिवारी का सवाल मूल रूप से यह है कि महिला सुरक्षा का सिद्धांत क्या राजनीतिक विचारधारा देखकर बदल जाता है? उनका कहना है कि यदि किसी महिला पत्रकार के साथ पुलिस की ओर से कथित दुर्व्यवहार गलत है तो किसी आंदोलन या राजनीतिक समूह की भीड़ द्वारा किसी महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार भी उतना ही गंभीर विषय होना चाहिए।

जंतर-मंतर पर 2 और 3 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों में नेहा बोरा समेत कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। 3 अक्टूबर के घटनाक्रम के बाद तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए, जिनकी शिकायतें पुलिस के अनुसार दर्ज कर जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेजी गई हैं।

रुचि तिवारी का कहना है कि यदि इन शिकायतों की जांच होनी चाहिए तो वह भी हो, लेकिन किसी भी घटना को राजनीतिक हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि कुछ राजनीतिक समूह महिला सुरक्षा, पुलिस कार्रवाई और लोकतांत्रिक अधिकारों जैसे मुद्दों को अपनी राजनीतिक लड़ाई के अनुसार इस्तेमाल करते हैं और जब उनके पक्ष के लोगों पर कार्रवाई होती है तो उसे ‘दमन’ बताया जाता है, जबकि दूसरे पक्ष की महिलाओं के साथ होने वाली कथित घटनाओं पर चुप्पी साध ली जाती है।

तिवारी ने इसी संदर्भ में नेहा बोरा से सवाल किया है कि “जब मेरे साथ कथित तौर पर भीड़ में बदसलूकी हुई थी, तब महिला सुरक्षा का वही पैमाना क्यों नहीं अपनाया गया?” उनका कहना है कि महिला सुरक्षा किसी राजनीतिक दल, संगठन या विचारधारा की संपत्ति नहीं हो सकती।

रुचि तिवारी ने अपने संदेश में वामपंथी राजनीति और उससे जुड़े संगठनों पर भी तीखी राजनीतिक टिप्पणी की है। उनका आरोप है कि दिल्ली में पुलिस और सरकार के खिलाफ लगातार एकतरफा नैरेटिव बनाने की कोशिश की जा रही है और महिला सुरक्षा को लेकर ‘विक्टिम कार्ड’ का इस्तेमाल राजनीतिक समर्थन जुटाने के लिए किया जा रहा है। हालांकि यह उनका राजनीतिक आरोप है और इसे स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।

उन्होंने कथित ‘अर्बन नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए ऐसे राजनीतिक और वैचारिक समूहों पर भी निशाना साधा है, जिन्हें वह देश-विरोधी या उग्र वामपंथी विचारों से जोड़ती हैं। सरजील इमाम और उमर खालिद जैसे मामलों में लगाए गए राजनीतिक आरोपों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर पहले से राष्ट्र और व्यवस्था के खिलाफ कथित राजनीतिक गतिविधियों को लेकर बहस होती रही है, उनके समर्थक अब महिला सुरक्षा और लोकतंत्र के नाम पर नया राजनीतिक अभियान चला रहे हैं। इन आरोपों को भी रुचि तिवारी की राजनीतिक टिप्पणी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

तिवारी का कहना है कि देश के कई हिस्सों में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद अब उसी विचारधारा का कथित शहरी प्रभाव दिल्ली जैसे राजनीतिक केंद्रों में अलग रूप में दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। उनका आरोप है कि पुलिस, सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ लगातार विरोध, आरोप और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।

हालांकि, यह भी महत्वपूर्ण है कि जंतर-मंतर की हालिया घटनाओं में पुलिस पर लगाए गए महिला पत्रकारों के आरोपों की जांच अभी प्रक्रिया में है। इसलिए किसी भी पक्ष को जांच पूरी होने से पहले दोषी या निर्दोष घोषित करना उचित नहीं होगा।

रुचि तिवारी का संदेश इसी सवाल के इर्द-गिर्द है कि महिला सुरक्षा सार्वभौमिक अधिकार है या राजनीतिक सुविधा के अनुसार इस्तेमाल किया जाने वाला मुद्दा? उनका कहना है कि जनता और विशेषकर युवाओं को सोशल मीडिया के राजनीतिक नैरेटिव के बजाय घटनाओं के पूरे तथ्य, वीडियो, शिकायत और जांच रिपोर्ट देखकर अपनी राय बनानी चाहिए।

उनका स्पष्ट संदेश है— “यदि महिला के साथ गलत हुआ है तो उसके खिलाफ आवाज उठाइए, लेकिन महिला सुरक्षा को राजनीतिक विक्टिम कार्ड बनाकर जनता और युवाओं को गुमराह मत कीजिए।”

  • जंतर-मंतर विवाद के बीच रुचि तिवारी का नेहा बोरा पर सवाल—मेरे साथ हुई कथित बदसलूकी के समय महिला सुरक्षा कहां थी?
    रुचि तिवारी का दावा—महिला सुरक्षा के नाम पर राजनीतिक ‘विक्टिम कार्ड’ खेलकर युवाओं और जनता को गुमराह करने की कोशिश रिपोर्ट : रविंद्र आर्य नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर पिछले दो दिनों से चल रहे प्रदर्शन और दिल्ली पुलिस पर महिला पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों के बीच अब पत्रकार रुचि तिवारी ने ऑल…
  • अजामिल उपाख्यान और नरसिंह अवतार के प्रसंग से भक्तिमय हुआ नोएडा
    श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, पितृ पक्ष में भागवत श्रवण का बताया विशेष महत्व नोएडा। सेक्टर-33 स्थित शिल्प हाट के निकट हेलीपैड ग्राउंड में भारत विकास परिषद, नोएडा की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तृतीय दिवस कथा पंडाल भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। कथा व्यास आचार्य…
  • दान, भक्ति और भक्तवत्सल भगवान का संदेश देती है श्रीमद्भागवत कथा : आचार्य मनीष कौशिक
    श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर झूमे श्रद्धालु, ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गूंजा पंडाल नोएडा, संवाददाता। श्री राम रसायन सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस कथा व्यास परम पूज्य आचार्य मनीष कौशिक जी महाराज ने श्रद्धालुओं को दान, भक्ति और भगवान के भक्तवत्सल स्वरूप की महिमा…
  • जब-जब मुसीबत आई, तब-तब तुम याद आए
    नन्ही नायरा दुबे की सुरीली आवाज से झंकृत हुआ सैम सीनियर सिटिजन क्लब जबलपुर। साउथ एवेन्यू मॉल में आयोजित सैम सीनियर सिटिजन क्लब के विशेष कार्यक्रम में आठ वर्षीय नन्ही बालिका नायरा दुबे ने अपनी मधुर आवाज से ऐसा समां बांधा कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम का आयोजन जादूगर एस.के.…
  • गैराज से पांच जैक व प्रेशर मशीन चोरी, एक आरोपी गिरफ्तार
    पंकज कुमार पाठक,दैनिक समाज जागरण ●चोरी के सामान के साथ स्कूटी व घटना में प्रयुक्त ग्लैमर मोटरसाइकिल बरामद●पदमा। पदमा ओपी क्षेत्र में गैराज से जैक व प्रेशर मशीन चोरी के मामले का पुलिस ने उद्भेदन करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी किए गए सामान के साथ…

Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)