**शास्त्रीय संगीत और नृत्य भी होंगे आकर्षण का केंद्र, 15 अक्टूबर को निकलेगी भव्य श्रीराम बारात**
**नोएडा।** रामलीला मैदान, सी-57, सेक्टर-62 में श्रीराम मित्र मंडल, नोएडा द्वारा 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 तक प्रतिदिन शाम सात बजे से श्रीरामलीला मंचन का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष रामलीला में माता जानकी की विदाई के मार्मिक प्रसंग का विशेष रूप से भव्य एवं भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही शास्त्रीय संगीत एवं शास्त्रीय नृत्य भी रामलीला के प्रमुख आकर्षण होंगे।
श्रीराम मित्र मंडल नोएडा रामलीला समिति के महासचिव **डॉ. मुन्ना कुमार शर्मा** ने बताया कि अधिकांश रामलीलाओं में माता सीता की विदाई का प्रसंग संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जबकि यह अत्यंत भावुक और महत्वपूर्ण प्रसंग है। इस बार इसे विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। बच्चों और युवाओं को रामलीला से जोड़ने तथा भारतीय शास्त्रीय कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रसंगों के साथ शास्त्रीय संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां भी होंगी।
### 11 दिनों का कार्यक्रम
**11 अक्टूबर:** गणेश पूजन के साथ श्रीरामलीला महोत्सव-2026 का शुभारंभ होगा। काकजी द्वारा रामकथा, नारद मोह तथा रावण के अत्याचार से जुड़े प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।
**12 अक्टूबर:** श्रीराम जन्म, वशिष्ठ जी द्वारा श्रीराम का नामकरण, विश्वामित्र जी का आगमन, ताड़का वध तथा सुबाहु-मारीच वध का मंचन होगा।
**13 अक्टूबर:** जनक बाजार, अहिल्या उद्धार, पुष्पवाटिका में श्रीराम-माता सीता मिलन और गौरी पूजन के प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे।
**14 अक्टूबर:** राजा जनक द्वारा अतिथि राजाओं का स्वागत, धनुष यज्ञ तथा लक्ष्मण-परशुराम संवाद का मंचन होगा।
**15 अक्टूबर:** सेक्टर-20 स्थित श्री हनुमान मंदिर से भव्य श्रीराम बारात शोभायात्रा निकलेगी, जो शहर के विभिन्न सेक्टरों एवं गांवों से होते हुए सेक्टर-62 रामलीला मैदान पहुंचेगी। यहां श्री जनक जी द्वारा राम बारात का स्वागत, राम-जानकी विवाह तथा जानकी विदाई समारोह का भावपूर्ण मंचन होगा।
**16 अक्टूबर:** मंथरा-कैकेयी संवाद, दशरथ-कैकेयी संवाद एवं श्रीराम वन गमन का मंचन होगा।
**17 अक्टूबर:** केवट संवाद, शूर्पणखा प्रसंग तथा खर-दूषण वध प्रस्तुत किया जाएगा।
**18 अक्टूबर:** रावण सभा, मारीच वध, सीता हरण, बाली वध, श्रीहनुमान-विभीषण भेंट, माता सीता के दर्शन एवं लंका दहन का मंचन होगा।
**19 अक्टूबर:** कुंभकरण वध, मेघनाद वध एवं अहिरावण वध के प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे।
**20 अक्टूबर:** श्रीराम-रावण युद्ध और भगवान श्रीराम द्वारा अत्याचारी रावण के वध का मंचन होगा। आतंक, असत्य और पाप के प्रतीक दशानन के अंत की खुशी में दशहरा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इसके बाद रावण, कुंभकरण एवं मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। आतिशबाजी की भी व्यवस्था रहेगी।
**21 अक्टूबर:** भरत मिलाप एवं श्रीराम राज्याभिषेक के साथ श्रीरामलीला महोत्सव-2026 और श्रीरामलीला मंचन का समापन होगा।
समिति के महासचिव डॉ. मुन्ना कुमार शर्मा ने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में रामलीला में पहुंचकर धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन का आनंद लेने की अपील की है।

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