परिजनों ने जरूरी उपकरणों और पानी की व्यवस्था पर उठाए सवाल, डीएम से जांच और निरीक्षण की मांग
समाज जागरण | संतोष कुमार
बीजपुर (सोनभद्र)। पुनर्वास स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद एक नवजात की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं को लेकर परिजनों तथा स्थानीय लोगों में नाराजगी है। परिजनों ने अस्पताल में आवश्यक उपकरणों की कमी का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नेमना निवासी राजेश्वर प्रजापति अपनी पत्नी गायत्री को प्रसव के लिए रविवार तड़के पुनर्वास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। परिजनों के मुताबिक, सुबह करीब तीन बजे के बाद महिला को अस्पताल लाया गया, जहां सामान्य प्रसव हुआ। हालांकि, प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई।
अस्पताल की व्यवस्थाओं पर परिजनों ने उठाए सवाल
नवजात की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन से संबंधित आवश्यक उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी उन्होंने शिकायत की। परिजनों का कहना है कि यदि अस्पताल में आवश्यक संसाधन और समय पर समुचित उपचार उपलब्ध होता, तो शायद नवजात की जान बचाई जा सकती थी।
हालांकि, नवजात की मौत के वास्तविक कारण और उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
एम्बुलेंस सेवा को लेकर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, पुनर्वास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। एम्बुलेंस की उपलब्धता और समय पर चिकित्सा सहायता मिलने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि दो दिन पहले एनटीपीसी रिहंद परिसर में भी एक महिला को एम्बुलेंस समय पर नहीं मिलने की शिकायत के बीच रास्ते में प्रसव करना पड़ा था। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
डीएम से जांच और निरीक्षण की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी सोनभद्र से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पुनर्वास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का मौके पर निरीक्षण करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव जैसी संवेदनशील परिस्थितियों के दौरान आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध होना बेहद जरूरी है।
अब सवाल यह है कि स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध थीं, नवजात की स्थिति बिगड़ने पर क्या उपचार किया गया और क्या समय पर आवश्यक चिकित्सा सहायता मिली?
फिलहाल, नवजात की मौत के कारणों और लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे चिकित्सकीय जटिलता थी या स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की कमी अथवा लापरवाही की भूमिका रही।
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