दैनिक समाज जागरण अनील कुमार संवाददाता नबीनगर (औरंगाबाद)
नबीनगर (बिहार)बिहार सरकार ने सरकारी स्कूल के शिक्षकों के कोचिंग-ट्यूशन पढ़ाने पर सख्त रुख अपनाया है। शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को आदेश दिया है कि यदि कोई सरकारी शिक्षक स्कूल परिसर या अन्य जगहों पर कोचिंग/निजी ट्यूशन और व्यावसायिक संस्थान में पढ़ाते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई होगी।बिहार सरकार, शिक्षा विभाग, पटन द्वारा 11 जून 2026 को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश भेजा गया है।पत्र में कहा गया है कि BPSC के माध्यम से प्रारंभिक से उच्च माध्यमिक स्कूलों तक पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है।
समय-समय पर शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है ताकि उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता बनी रहे।लेकिन कई शिक्षक स्कूल परिसर या अन्य स्थानों पर कोचिंग/निजी ट्यूशन और व्यावसायिक संस्थान चला रहे हैं। इससे उनके पदस्थापित स्कूल के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी है कि शिक्षक स्कूल में ही पूरी निष्ठा से पढ़ाएं।शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि उनके जिले में कोई भी सरकारी शिक्षक कोचिंग-ट्यूशन में संलिप्त न हो। इसके लिए औचक निरीक्षण और जांच की जाएगी।
इस आदेश के बाद शिक्षक संघों में हलचल तेज हो गई है।वहीं अभिभावकों का मानना है कि अगर स्कूल में ही बेहतर पढ़ाई होगी तो कोचिंग की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस आदेश को जमीनी स्तर पर कितनी सख्ती से लागू कर पाता है।
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