google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

तिरंगों के बीच घर लौटे बिहार के दो वीर सपूत

बिहटा एयरफोर्स स्टेशन पर उमड़ा जनसैलाब

समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश

पटना/ असम के जोरहाट एयरबेस में भारतीय वायुसेना के एएन-32 विमान हादसे में शहीद हुए बिहार के दो वीर सपूतों—अग्निवीर दानिश आलम और फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार—का पार्थिव शरीर रविवार को विशेष वायुसेना विमान से बिहटा एयरफोर्स स्टेशन पहुंचा। जैसे ही वीर शहीदों के पार्थिव शरीर स्टेशन पर पहुंचे, वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। अपने वीर बेटों की अंतिम घर वापसी पर श्रद्धांजलि देने के लिए एयरफोर्स स्टेशन के बाहर लोगों का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा।

रविवार की सुबह से ही बिहटा एयरफोर्स स्टेशन के मुख्य द्वार के बाहर हजारों की संख्या में लोग एकत्र होने लगे थे। युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों के हाथों में तिरंगा था। हर कोई अपने जांबाज सपूतों को अंतिम सलाम देने के लिए बेताब था। जैसे ही शहीदों के पार्थिव शरीर लेकर काफिला वहां पहुंचा, पूरा क्षेत्र ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ और ‘अमर शहीद अमर रहें’ के नारों से गूंज उठा। देशभक्ति और शहादत के इस भावुक माहौल ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को गर्व और दुख के एक साथ अनुभव से भर दिया। एयरफोर्स स्टेशन के भीतर भारतीय वायुसेना की ओर से दोनों शहीदों को पूरे सैन्य सम्मान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इस दौरान वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला प्रशासन के आला अफसरों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शहीदों के ताबूतों पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया। भोजपुर जिले के कमरियांव गांव निवासी अग्निवीर दानिश आलम और जहानाबाद जिले के बनवरिया गांव निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की शहादत ने न केवल उनके परिवारों को, बल्कि पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के उपरांत दोनों वीर सपूतों का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांवों के लिए रवाना किया गया। रास्ते भर जगह-जगह सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों ने पुष्पवर्षा कर और तिरंगा लहराकर अपने नायकों का स्वागत किया। शहीद दानिश आलम के बचपन के मित्र विश्वजीत तिवारी ने उन्हें याद करते हुए कहा कि दानिश अनुशासित और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत थे। उनका सपना देश की सेवा करना था और उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान देकर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है।

बता दें कि जोरहाट एयरबेस पर हुए एएन-32 विमान हादसे में वायुसेना के पांच बहादुर कर्मियों ने अपनी जान गंवाई थी। इन शहीदों की वीरता और देश के प्रति उनके समर्पण की गाथा आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

Leave a Reply

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)