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कानपुर में किसान के दरवाजे उर्दू में लिखी खून से सनी चिट्ठी लेकर पहुंचा कबूतर

  • घटना से बिधनू थाने के कठारा में दहशत, पुलिस छानबीन में जुटी

सुनील बाजपेई
कानपुर । आज यहां गुरुवार की सुबह से बिधनू थाने के गांव कटारा में आने वाले ग्रामीण दहशत में हैं। वजह है यहां के एक किसान को कबूतर के जरिए खून से सनी उर्दू में लिखें चिट्ठी का मिलना।


यहां गले में लटकाए यह चिट्ठी लेकर कबूतर जैसे ही पहुंचा।किसान ने पड़ोसियों की मदद से कबूतर को पकड़कर गले से चिट्ठी उतारी। चिट्ठी खोली गई तो उसमें वर्गाकार भाग के अंदर उर्दू भाषा में लिखी कई पंक्तियां देख ग्रामीण दहशत में आ गए और उन्होंने इस चिट्ठी को पढ़वाने के लिए उर्दू के जानकारों की खोजबीन शुरू कर दी | वहीं घटना की जानकारी से आसपास गांवों के लोगों की भीड़ एकत्र होने लगी है। प्राप्त विवरण के मुताबिक कठारा गांव निवासी किसान धर्मेंद्र कुशवाह आज गुरुवार सुबह दरवाजे मवेशियों को चारा दे रहे थे। तभी एक कबूतर गुटुर-गुटुर करता हुआ उनके चबूतरे पर बैठ गया।


किसान धर्मेंद्र ने पुलिस को बताया कि इस कबूतर के गले में सफेद धागे में एक कागज का टुकड़ा बंधा हुआ था। जिसे देख धर्मेंद्र ने पड़ोसियों की मदद से कबूतर को पकड़ गले से धागे से बंधे कागज के टुकड़े को उतारकर खोला तो उसमें उर्दू भाषा में लिखी चिट्ठी थी ।


इस चिट्ठी में वर्गाकार भाग के बीच सात पंक्तियों में कुछ लिखा था। चिट्ठी के दूसरी ओर खून भी लगा था। जिसे देख किसान समेत ग्रामीण दहशत में आकर तरह तरह के अनुमान लगाकर चर्चा करने लगे। ग्रामीणों ने कबूतर को एक पिजड़े में कैद कर पुलिस को जानकारी दी। साथ ही उर्दू भाषा के जानकारों की तलाश शुरू कर दी, जिससे उर्दू में लिखी चिट्ठी पढ़ा जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।


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