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रामलीला पर नजर रखने वाली सैटेलाइट: नोएडा में आज की रामलीला

नोएडा मे आज की राम लीला


देव मणि शुक्ल
ब्यूरो प्रभारी

श्री सनातन धर्म राम लीला नोएडा स्टेडियम मे सीता हरण, जटायु मरण, हनुमान द्वारा लंका दहन का प्रसंग होगा ।

नोएडा सेक्टर १०७ महर्षि नगर में

महर्षि राम लीला महर्षि नगर मे आज
भगवान राम पिता से आज्ञा लेकर वनवास प्रस्थान , केवट संवाद होगा।

सेक्टर 62 श्री राम मित्र मंडल रामलीला मे आज सीता हरण, वर्षो आस लगाए बैठी शबरी राम का मिलन होगा जहां भगवान जूठे बैर खाकर, माता सबरी का उद्धार करेंगे ।

सेक्टर 46 श्री राम लखन रामलीला समिति के द्वारा आयोजित रामलीला में आज भगवान राम १४ साल के वनवास के लिए प्रस्थान करेंगे।
राम वन गमन और सीता हरण का मंचन होगा।

  • कालांवाली में धान खरीद पर सवाल, बिना सफाई के बोरियों में भरने का आरोप

    सरकारी नियमों की अनदेखी और आर्थिक नुकसान की आशंका, मार्केट कमेटी सचिव ने कहा—अनियमितता मिलने पर जारी होगा नोटिस

    कालांवाली, 24 अक्टूबर। धान खरीद केंद्रों पर बिना उचित सफाई के धान बोरियों में भरे जाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर सरकारी खरीद प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि धान की सफाई किए बिना ही उसकी भराई की जा रही है, जिससे सरकारी खरीद में निर्धारित गुणवत्ता मानकों के पालन पर संदेह पैदा हो रहा है।

    सरकारी खरीद प्रक्रिया में धान की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और निर्धारित मानकों का पालन करना आवश्यक है। इसके बावजूद खरीद केंद्रों पर बिना उचित सफाई के धान बोरियों में भरे जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। यदि धान में मिट्टी, कचरा या अन्य अवांछित पदार्थ मौजूद हैं और उनका वजन भी खरीद में शामिल हो रहा है, तो इससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचने की आशंका हो सकती है।

    निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल

    धान खरीद प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह मांग उठ रही है कि खरीद केंद्रों पर धान की गुणवत्ता और सफाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

    यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। इससे सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।

    अनियमितता मिलने पर जारी होगा नोटिस: नरेंद्र कुंडू

    इस संबंध में मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र कुंडू से संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि अधिकारियों की ओर से आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और खरीद प्रक्रिया का निरीक्षण भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यापारी के स्तर पर अनियमितता पाई जाती है, तो उसे नोटिस जारी किया जाएगा और नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    अब देखना होगा कि निरीक्षण के दौरान धान की सफाई और गुणवत्ता से जुड़े नियमों का कितना पालन पाया जाता है तथा शिकायतों के आधार पर विभाग क्या कदम उठाता है।

  • किशनगंज में आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाली पर डीएम सख्त, एक सप्ताह में सुधार का निर्देश

    274 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम बनाने के कार्यों की समीक्षा, मातृ वंदना और कन्या उत्थान योजना में धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

    किशनगंज। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और कल्याणकारी योजनाओं की धीमी प्रगति पर जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) के कार्यों की समीक्षा बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त करने का निर्देश दिया। वहीं, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए आवेदन पंजीकरण और स्वीकृति की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।

    बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण, भूमि चयन, शौचालय, पेयजल, बिजली कनेक्शन, पोषण ट्रैकर और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और महिला पर्यवेक्षिकाएं मौजूद रहीं।

    एक सप्ताह में दुरुस्त होंगी बुनियादी सुविधाएं

    डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्रों में निर्माण और मरम्मत से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का निर्देश दिया। इसमें शौचालय निर्माण, पेयजल सुविधाओं की मरम्मत, नए जल कनेक्शन और बिजली आपूर्ति बहाल करने जैसे कार्य शामिल हैं। विद्युत विभाग को निर्देश दिया गया कि जिन केंद्रों की बिजली आपूर्ति बंद है, उनकी सूची संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों से प्राप्त कर एक सप्ताह के भीतर आपूर्ति बहाल की जाए।

    किराये के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को नजदीकी विद्यालयों में स्थानांतरित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को प्रखंड के विद्यालयों की सूची प्राप्त कर पोषक क्षेत्र के उपयुक्त विद्यालयों में केंद्रों को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।

    मातृ वंदना और कन्या उत्थान योजना में धीमी प्रगति पर नाराजगी

    प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिला पदाधिकारी ने नाराजगी जताई। बहादुरगंज, पोठिया और टेढ़ागाछ बाल विकास परियोजनाओं में दोनों योजनाओं की प्रगति अपेक्षाकृत कम पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को विशेष ध्यान देने और सुधार लाने का निर्देश दिया गया।

    डीएम ने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर आवेदन पंजीकरण और स्वीकृति की प्रक्रिया में शत-प्रतिशत प्रगति हासिल करने को कहा, ताकि पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

    274 केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी बनाने का लक्ष्य

    जिले में 274 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को एक माह के भीतर निर्धारित कार्य पूरे कराने का निर्देश दिया। किराये के भवनों में चल रहे केंद्रों में रंग-रोगन का कार्य पूरा कर उसकी जानकारी कायाकल्प पोर्टल पर अपलोड करने को भी कहा गया।

    पोषण ट्रैकर और बच्चों की वृद्धि निगरानी पर जोर

    पोषण ट्रैकर में दर्ज आंकड़ों की समीक्षा के दौरान बच्चों की वृद्धि निगरानी में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल नहीं होने पर डीएम ने खेद जताया। उन्होंने बच्चों की नियमित वृद्धि निगरानी, पूरक पोषाहार वितरण, गृह भ्रमण, लाभार्थियों के चेहरे की पहचान प्रणाली और आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन से संबंधित आंकड़ों में सुधार लाने का निर्देश दिया।

    उन्होंने पोषण ट्रैकर में दर्ज सभी लाभार्थियों की आभा आईडी बनवाने तथा तीन से छह वर्ष तक के बच्चों का आधार पंजीकरण कराते हुए एपीएएआर आईडी बनाने की प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत पूरी करने को कहा। महिला पर्यवेक्षिकाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय, पेयजल और बिजली की उपलब्धता से संबंधित जानकारी पोषण ट्रैकर पर शत-प्रतिशत दर्ज कराने का निर्देश भी दिया गया।

    अतिकुपोषित बच्चों को एनआरसी भेजने में तेजी लाने का निर्देश

    जिले में चिह्नित अतिकुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में रेफर करने और भर्ती कराने की स्थिति की समीक्षा के दौरान सामने आया कि पिछले माह आईसीडीएस के माध्यम से केवल 19 बच्चों को ही एनआरसी रेफर किया गया। डीएम ने इसे काफी कम बताते हुए सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को रेफरल प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया।

    उन्होंने कहा कि जिन बच्चों के माता-पिता उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के लिए तैयार नहीं होते हैं, उनके परिवारों को समुदाय स्तर पर लगातार परामर्श दिया जाए, ताकि बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाया जा सके।

    बैठक में आईसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी वंदना पांडेय, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल और विद्युत विभाग के अधिकारी, जिला समन्वयक मो. मंजूर आलम, पोषण अभियान से जुड़े कर्मी, महिला पर्यवेक्षिकाएं, प्रखंड समन्वयक तथा अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।

  • नौ साल से ध्वस्त सड़क, हजारों ग्रामीण बेहाल; आखिर कब जागेगा प्रशासन?

    2017 की बाढ़ में उजड़ा देवरी खास-रहमतपुर मार्ग आज तक नहीं बना, बरसात में संपर्क टूटने का खतरा; सड़क और आरसीसी पुल निर्माण की मांग तेज

    किशनगंज। बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत चिल्हनियां पंचायत के वार्ड संख्या-14 में देवरी खास से रहमतपुर जाने वाली मुख्यमंत्री सड़क की बदहाली ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। वर्ष 2017 की विनाशकारी बाढ़ में सुहिया गांव के समीप करीब तीन किलोमीटर तक क्षतिग्रस्त हुई यह सड़क नौ साल बीत जाने के बाद भी पुनर्निर्माण की बाट जोह रही है। सड़क की दुर्दशा के कारण हजारों ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।

    दर्जनों गांवों के लोगों का महत्वपूर्ण मार्ग

    देवरी खास-रहमतपुर सड़क दुर्गापुर, मियापुर, हवाकोल, धवेली, झाला, डाकपोखर, बैगना, चिल्हनियां, मटियारी और झुनकी मुसहरा समेत दर्जनों गांवों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। ग्रामीण इसी रास्ते से प्रखंड मुख्यालय, जिला मुख्यालय और हाट-बाजार तक पहुंचते हैं। सड़क क्षतिग्रस्त होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

    बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। जलजमाव के कारण रास्ते से गुजरना मुश्किल हो जाता है और संपर्क बाधित होने का खतरा बना रहता है। इसका असर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, विद्यार्थियों के स्कूल आने-जाने और किसानों को अपनी उपज बाजार तक ले जाने पर पड़ता है।

    आरसीसी पुल निर्माण की भी मांग

    स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2017 की बाढ़ में प्रखंड क्षेत्र के कई स्थानों पर सड़कें कटकर क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इसके बावजूद कई प्रभावित मार्गों के पुनर्निर्माण की समस्या अब तक बनी हुई है। देवरी खास से रहमतपुर मार्ग पर आरसीसी पुल निर्माण की मांग भी लंबे समय से की जा रही है।

    ग्रामीणों का सवाल है कि जब यह मार्ग इतने गांवों के लिए महत्वपूर्ण है, तो नौ वर्ष बीत जाने के बाद भी सड़क और पुल निर्माण की दिशा में ठोस पहल क्यों नहीं हुई। लोगों का कहना है कि हर साल बरसात के दौरान परेशानी झेलना उनकी मजबूरी बन गई है।

    डीएम से हस्तक्षेप की अपील

    चिल्हनियां पंचायत के मुखिया मोफत लाल ऋषिदेव और प्रखंड प्रमुख उजाला परवीन ने जिला प्रशासन से सड़क का पुनर्निर्माण कराने और आरसीसी पुल का निर्माण शीघ्र शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने जिला पदाधिकारी नवीन कुमार से मामले को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है।

    शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर पड़ रहा असर

    ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और पुल का निर्माण केवल आवागमन की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और क्षेत्र के समग्र विकास से भी जुड़ा हुआ है। सड़क की बदहाली के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों में परेशानी उठानी पड़ रही है।

    अब ग्रामीणों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस लंबे समय से लंबित समस्या का संज्ञान लेकर सड़क और पुल निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाएगा, ताकि हजारों ग्रामीणों को राहत मिल सके।

  • हैबतपुर के डूब क्षेत्र में चला ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का बुलडोजर, 40 हजार वर्ग मीटर जमीन से अवैध निर्माण ध्वस्त

    एनजीटी के आदेश पर हुई कार्रवाई, डूब क्षेत्र में अवैध कॉलोनी बसाने की तैयारी कर रहे थे कॉलोनाइजर**

    **ग्रेटर नोएडा, 24 अक्टूबर।** ग्रेटर नोएडा में अवैध निर्माण और जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ प्राधिकरण की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में शनिवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ग्राम पुराना हैबतपुर के डूब क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 40 हजार वर्ग मीटर जमीन पर किए जा रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश पर की गई।



    ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने परियोजना विभाग को अवैध निर्माण कर जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ अभियान जारी रखने के निर्देश दिए हैं। अतिक्रमण हटाओ अभियान का नेतृत्व कर रहे प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने कहा कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण करना नियमों के विरुद्ध है। ऐसे मामलों में प्राधिकरण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

    उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे कॉलोनाइजरों के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई न गंवाएं। ग्रेटर नोएडा में किसी भी स्थान पर जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से संपर्क कर जमीन की स्थिति और संबंधित जानकारी की पुष्टि अवश्य कर लें।

    **बाउंड्री बनाकर कब्जाने की थी कोशिश**

    प्राधिकरण के परियोजना विभाग के महाप्रबंधक एके सिंह ने बताया कि ग्राम पुराना हैबतपुर के डूब क्षेत्र में करीब 40 हजार वर्ग मीटर जमीन पर कॉलोनाइजर अवैध कॉलोनी बसाने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए जमीन पर बाउंड्री बनाकर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था।

    परियोजना विभाग के वर्क सर्किल-1 के वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर के नेतृत्व में प्रबंधक प्रशांत समाधिया और अन्य कर्मचारियों की टीम ने पुलिस के सहयोग से मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण की ओर से चेतावनी दी गई है कि दोबारा अतिक्रमण करने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अधिसूचित क्षेत्रों में अवैध निर्माण और जमीन पर कब्जे के मामलों में कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि जमीन खरीदने से पहले उसके वैध होने की पूरी जानकारी प्राप्त करें, ताकि उनकी जमा पूंजी जोखिम में न पड़े।

  • राजासरई में नल कनेक्शन बने शोपीस, एक साल से पानी का इंतजार; ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन*

    समाज जागरण/ सन्तोष कुमार

    सोनभद्र। विकास खंड म्योरपुर की ग्राम पंचायत राजासरई में हर घर नल जल योजना के तहत कनेक्शन दिए जाने के एक साल बाद भी पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। इससे नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को प्रदर्शन कर जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया और जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल कराने की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत के परतहान टोला, मुखियान टोला और खिवरहान टोला में करीब एक वर्ष पहले घरों में नल लगा दिए गए थे, लेकिन अब तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। ऐसे में घरों के बाहर लगे नल महज शोपीस बनकर रह गए हैं।

    हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की योजना का लाभ नहीं मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी है।


    पानी की आपूर्ति शुरू नहीं होने से परेशान राजू पांडेय, विजय, जिंदलाल, राजेश, रसिया, राजकुमारी, श्यामपति, सुनीत और बाबूराम सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर संबंधित विभाग को तत्काल जलापूर्ति शुरू कराने का निर्देश देने की मांग की। इस संबंध में जल निगम के अवर अभियंता साहेब लाल बिंद ने बताया कि जल्द ही पानी की आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

  • *ट्रेलर के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे से टकराई बस, पांच यात्री घायल, एक महिला जिला अस्पताल रेफर*


    समाज जागरण/ सन्तोष कुमार

    सोनभद्र। म्योरपुर थाना क्षेत्र के बीजपुर-मुर्धवा मार्ग पर शनिवार सुबह एक सड़क हादसे में पांच यात्री घायल हो गए। देवरी-बबनडीहा गांव के बीच आगे चल रहे ट्रेलर के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे से आ रही सवारियों से भरी बस उससे टकरा गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) म्योरपुर पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद एक महिला की हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद ट्रेलर चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया।
    मिली जानकारी के अनुसार, बस रेणुकूट से छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जा रही थी। शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे बस बीजपुर-मुर्धवा मार्ग पर देवरी-बबनडीहा गांव के पास पहुंची थी।

    इसी दौरान आगे चल रहे ट्रेलर ने अचानक ब्रेक लगा दिया। बस चालक को संभलने का मौका नहीं मिला और बस पीछे से ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर में बस के आगे की ओर बैठे पांच यात्री घायल हो गए। घायलों में मुसर्रत खातून (25 वर्ष), निवासी छत्तीसगढ़, रुखसार (25 वर्ष), निवासी काचन, नेहा (19 वर्ष), निवासी म्योरपुर, तराना बानो (24 वर्ष), निवासी रेणुकूट और अशोक (50 वर्ष), निवासी काचन शामिल हैं।

    हादसे के बाद घायलों की मदद के लिए स्थानीय लोग आगे आए और उन्हें उपचार के लिए सीएचसी म्योरपुर पहुंचाया गया। सीएचसी में मौजूद चिकित्सक डॉ. संजीव बिंद ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया। मुसर्रत खातून की हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। घटना के बाद ट्रेलर चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। हादसे के कारण कुछ देर तक घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। बीजपुर-मुर्धवा मार्ग पर हुए इस हादसे के बाद ट्रेलर चालक के अचानक ब्रेक लगाने की वजह को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

  • *गुरुद्वारा इंटर कॉलेज में मिशन शक्ति अभियान, छात्राओं को महिला सुरक्षा और साइबर अपराध से बचाव की दी गई जानकारी*



    समाज जागरण/ मनोज कुमार चौबे

    चोपन/ सोनभद्र। स्थानीय थाना पुलिस की ओर से गुरुद्वारा इंटर कॉलेज, चोपन में मिशन शक्ति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपनिरीक्षक अभय नाथ यादव, उपनिरीक्षक राम ज्ञान यादव और महिला आरक्षी शैलजा सिंह ने छात्राओं एवं उपस्थित लोगों को महिला सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने लोगों से अपने मोबाइल फोन और कीमती सामान को सुरक्षित रखने तथा सार्वजनिक स्थानों पर सतर्क रहने की अपील की।

    पुलिसकर्मियों ने बताया कि अनजान व्यक्तियों के साथ अपनी निजी जानकारी साझा करने से साइबर अपराध का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए मोबाइल फोन, ऑनलाइन खातों और व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना जरूरी है। पुलिस टीम ने साइबर अपराध के मामलों में जांच की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी। बताया गया कि कई मामलों में संदिग्धों की पहचान के लिए संबंधित डिजिटल डेटा और तकनीकी जानकारी की आवश्यकता होती है।

    ऐसे में लोगों को किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आने से बचना चाहिए और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देनी चाहिए। आगामी दीपावली पर्व के मद्देनजर पुलिस ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। साथ ही बिना मेहनत के पैसा कमाने के लालच में किसी भी गलत गतिविधि में शामिल नहीं होने की सलाह दी गई। पुलिस टीम ने बताया कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मी लगातार ड्यूटी करते हैं। मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस ने सुरक्षित समाज के निर्माण में आमजन की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।

  • *प्रसिद्ध शारदा शक्ति मंदिर में चोरी की वारदात से हड़कंप, लड्डू गोपाल की मूर्ति और चांदी की बांसुरी ले उड़े चोर*



    समाज जागरण/ मनोज कुमार चौबे

    ओबरा/ सोनभद्र। स्थानीय थाना क्षेत्र के हंस वाहिनी नगर स्थित प्रसिद्ध मां शारदा शक्ति मंदिर में चोरों ने ताले तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर मंदिर के मुख्य गेट और गर्भगृह के ताले तोड़कर अंदर घुसे और गोविंद भगवान के गर्भगृह से करीब 35 से 40 वर्ष पुरानी पीतल की लड्डू गोपाल की मूर्ति तथा चांदी की बांसुरी चोरी कर ले गए। शनिवार सुबह घटना की जानकारी होने पर मंदिर समिति के सदस्यों में हड़कंप मच गया।

    सूचना मिलने पर ओबरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। मंदिर समिति से जुड़े सदस्य उमाशंकर अग्रहरि ने बताया कि शुक्रवार रात करीब नौ से दस बजे के बीच मंदिर के गर्भगृह और मुख्य गेट को बंद कर सेवादार अपने घर चले गए थे। शनिवार सुबह करीब पौने पांच बजे जब सेवादार मंदिर पहुंचे तो मुख्य गेट का ताला टूटा हुआ मिला। इसकी जानकारी मिलने पर वह अपने बड़े भाई प्रदीप के साथ मौके पर पहुंचे। मंदिर के अंदर जाने पर गर्भगृह के ताले भी टूटे मिले और सामान बिखरा पड़ा था। इसके बाद तत्काल पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दी गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की।

    उमाशंकर अग्रहरि के मुताबिक, गोविंद भगवान के गर्भगृह से पीतल की पुरानी लड्डू गोपाल की मूर्ति और चांदी की बांसुरी गायब मिली। वहीं, माता रानी के गर्भगृह का ताला तोड़ने का भी प्रयास किया गया, लेकिन चोर इसमें सफल नहीं हो सके। छत की ओर खुलने वाला दरवाजा भी टूटा हुआ मिला। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में रात करीब 12 बजकर 42 मिनट पर दो संदिग्ध गर्भगृह का ताला तोड़ते दिखाई देने की बात सामने आई है। घटना की जानकारी फैलते ही मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई।

    मुख्य चौराहे और पुलिस बूथ के नजदीक स्थित मंदिर में चोरी होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। मंदिर समिति ने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी करने और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है। इस घटना ने ओबरा क्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

  • गोल्फ सिटी में मां दुर्गा के दिव्य प्राकट्य और महिषासुर वध की भव्य संगीतमय नाटिका का मंचन

    *दृष्टि श्रीवास्तव के प्रभावशाली अभिनय और कलाकारों की भरतनाट्यम प्रस्तुति ने मोहा दर्शकों का मन, ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंजा पंडाल**

    **नोएडा।** गोल्फ सिटी, प्लॉट-8, सेक्टर-75 में आयोजित श्री दुर्गा पूजा महोत्सव के अंतर्गत मां दुर्गा के दिव्य प्राकट्य एवं महिषासुर वध पर आधारित भव्य संगीतमय नृत्य-नाटिका का मंचन किया गया। कलाकारों ने संगीत, नृत्य और प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से मां दुर्गा के प्राकट्य से लेकर महिषासुर वध तक की पौराणिक गाथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान पूरा पंडाल ‘जय माता दी’ और ‘मां दुर्गा की जय’ के जयकारों से गूंज उठा।



    नाटिका में दिखाया गया कि किस प्रकार समस्त देवताओं ने अपनी-अपनी दिव्य शक्तियां प्रदान कर मां दुर्गा के प्राकट्य का मार्ग प्रशस्त किया। इसके बाद देवताओं ने मां को दिव्य अस्त्र-शस्त्र अर्पित किए। मां दुर्गा की भूमिका निभा रहीं दृष्टि श्रीवास्तव ने अपने सशक्त अभिनय, भावपूर्ण मुद्राओं और ऊर्जावान नृत्य से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नाटिका के अंतिम दृश्य में मां दुर्गा की नौ शक्तियों और महिषासुर के बीच भीषण युद्ध का मंचन किया गया। अंततः महिषासुर वध के साथ अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया।

    नाटिका की लेखनी प्रभुदयाल गुप्ता ने की, जबकि निर्देशन एवं मार्गदर्शन नीरा गुप्ता का रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ बाल कलाकारों आश्वी आद्या, अक्षिता, तुर्वस, कविश और भव्य की प्रस्तुति से हुआ। तुर्वस कपूर ने मां दुर्गा के सिंह की भूमिका में विशेष प्रभाव छोड़ा। भगवान शिव की भूमिका में बी.के. अवस्थी, भगवान विष्णु के रूप में पी.डी. गुप्ता तथा भगवान ब्रह्मा की भूमिका में जी.सी. गोयल ने प्रस्तुति को गरिमा प्रदान की।

    देवराज इंद्र की भूमिका में सुरिंदर कौर तथा देवताओं के रूप में सुधा गोयल, अनीता, नीलम, वीणा सक्सेना और वेरोनिका ने अभिनय किया। महिषासुर की भूमिका में सुमीता मिश्रा ने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों की सराहना प्राप्त की। पूजा और गरिमा ने भी आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। मां दुर्गा की विभिन्न शक्तियों के रूप में वर्षा, कीर्ति, अर्चना झा, सिम्मी श्रीवास्तव, नेहा, मधु, नीतू, सुमिता गुप्ता और सुनीता ने उत्कृष्ट भरतनाट्यम प्रस्तुति दी। वैशाली जिंदल ने कार्यक्रम का संचालन किया। विक्की चावला और मनोज चौहान के मधुर संगीत ने नाटिका को और प्रभावशाली बनाया।

    सोसाइटी निवासी डॉ. मुन्ना कुमार शर्मा ने कहा कि यह प्रस्तुति केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और नारी शक्ति का सशक्त प्रतीक थी। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की गाथा यह संदेश देती है कि अधर्म कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः विजय सत्य, धर्म और सदाचार की ही होती है।

    डॉ. शर्मा ने आयोजन को सफल बनाने के लिए कलाकारों के समर्पण, आयोजकों के प्रयासों और दर्शकों की श्रद्धा की सराहना की। ‘जय माता दी’ के गगनभेदी जयकारों के बीच संपन्न हुई इस प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों के मन में भक्ति और श्रद्धा की अमिट छाप छोड़ी।

    **स्रोत: डॉ. मुन्ना कुमार शर्मा, निवासी गोल्फ सिटी, प्लॉट-8, सेक्टर-75, नोएडा।**

  • विकास का गौरव तभी संपूर्ण, जब हर घर पहुंचे शुद्ध जल”

    आरडब्ल्यूए सेक्टर-105 ने उठाई नोएडा में जल संकट के स्थायी समाधान की आवाज़*

    उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी के रूप में अपनी पहचान बना चुके अत्याधुनिक शहर नोएडा में पेयजल की उपलब्धता और उसकी गुणवत्ता को लेकर आरडब्ल्यूए सेक्टर-105 के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से एक अत्यंत भावुक एवं सकारात्मक अपील की है। उन्होंने कहा कि जिस शहर ने अपनी विश्वस्तरीय अवसंरचना और अप्रतिम प्रगति से पूरे देश में गौरव हासिल किया है, वहाँ के नागरिकों को मूलभूत पेयजल संकट से जूझना बेहद संवेदनशील और विचारणीय विषय है।



    आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा कि नोएडा की गगनचुंबी इमारतें और आधुनिक सड़कें हमारे जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की दूरदर्शी सोच का ही प्रतिफल हैं। परंतु इसी प्रगतिशील शहर के कई हिस्सों में हमारे परिवार, बुजुर्ग और मासूम बच्चे आए दिन पानी की भारी किल्लत और गिरती गुणवत्ता से संघर्ष करने पर मजबूर हैं। पानी केवल एक बुनियादी सुविधा भर नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक के स्वास्थ्य, सम्मान और उनके जीवन का सबसे अटूट आधार है।

    प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अपील किसी शिकायत या विरोध का हिस्सा नहीं है, बल्कि शहर के कर्णधारों पर जताया गया एक अटूट विश्वास है। शहर के जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी केवल शासन-प्रशासन के अंग नहीं, बल्कि पूरे नोएडा परिवार के अभिभावक हैं; और जब परिवार का कोई भी सदस्य परेशानी में होता है, तो उसकी गूँज और तड़प सबसे पहले अभिभावक के दिल तक ही पहुँचती है।

    आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने पूरा भरोसा जताया कि जिस प्रशासनिक क्षमता ने नोएडा को विकास के शिखर पर पहुँचाया है, उसके लिए जल संकट जैसी मूलभूत समस्या का स्थायी समाधान खोजना असंभव नहीं है।
    उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पुरज़ोर निवेदन किया कि पेयजल की उपलब्धता और गुणवत्ता में सुधार को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत और दीर्घकालिक योजनाएँ लागू की जाएँ, ताकि हमारा शहर न केवल आर्थिक प्रगति में, बल्कि अपने नागरिकों के जीवन की सुगमता (Ease of Living) में भी देश की सबसे बेहतरीन मिसाल बन सके।


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