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विरोध की आवाज़ और लोकतंत्र की परीक्षा

रमन कुमार रविवार को देश की राजधानी दिल्ली में दो तस्वीरें एक साथ दिखाई दीं। एक…

हरिनगर से उठते सवाल: कानून, न्याय और सवर्णों की राजनीतिक बेचैनी

देश में इन दिनों यूजीसी विवादों के बीच सामाजिक तनाव की लकीरें और गहरी होती दिख…

राहुल गांधी और कांग्रेस की चाल में बुरी तरह फँसी BJP, जाति के जंजाल ने बिगाड़ा खेल, UGC ने जले में नमक छिड़का

भारतीय राजनीति में जाति कोई नया मुद्दा नहीं है, लेकिन लंबे समय से BJP इस विषय…

भारत गाथा: श्रुति, कृति, दृष्टि — ओम से एल्गोरिदम तक भारत की रचनात्मक यात्रा

(77वें गणतंत्र दिवस की उपलब्ध पर मनमोहक व ज्ञानवर्द्धक झाँकीयों पर विशेष आलेख) ✍️ विनोद कुमार…

“डॉक्टर बीमार क्यों है और चपरासी सबसे ज़्यादा समझदार क्यों?”

आज का दौर अंकों और योग्यताओं के अजीब विरोधाभास से गुजर रहा है। जिस शिक्षा व्यवस्था…

परीक्षाओं का मौसम – और भय, तनाव और चिंता

प्रीतम कुमार पाठक बेगूसराय, बिहार परीक्षाओं का मौसम शुरू हो गया है। केंद से राज्य स्तर…

उजाले की दिशा

//कहानी//होमा आसिया बेंगलुरु गाँव में उस सुबह की धूप कुछ अलग थी।ठंड अब भी हवा में…

राजनीति अब सेवा नहीं, एक व्यवसाय बन चुकी है जहाँ भावनाएँ बिकती हैं और वोट खरीदे जाते हैं…

लेखक चंद्रकांत सी पूजारीगुजरात कभी राजनीति को सेवा का सबसे पवित्र माध्यम माना जाता था। यह…

“डिजिटल इंडिया का सपना हुआ साकार, तो सही में देश का हो जाएगा बेड़ा पार”

– यह पंक्तियां भारत की डिजिटल क्रांति की भावना को बखूबी दर्शाती हैं। डिजिटल इंडिया मुहिम…

इंसानो ने पहले जंगल काटकर जानवरों का विनाश किया और अब पर्वत पहाड़ काटकर पर्यावरण के विनाश कर रहे है।

लेखिका -सुनीता कुमारीबिहार इसमें कही कोई संदेह नही है कि,इंसानो ने पहले जंगल काटकर जानवरों का…